जयपुर में जैश की संदिग्ध महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर से ऑनलाइन निकाह का खुलासा
जयपुर से गिरफ्तार की गई प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल बबीता उर्फ खदीजा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से गिरफ्तार की गई प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल बबीता उर्फ खदीजा (38 वर्ष) को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया है कि बबीता ने पाकिस्तान में बैठे जैश के मुख्य हैंडलर अबू उबेदाह से सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन निकाह किया था. अबू उबेदाह को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का बेहद करीबी और खास माना जाता है. बबीता भारत के भीतर महिलाओं का एक सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की साजिश में जुटी थी, ताकि आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके.
इस तरह जाल में फंसी बबीता
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, मूल रूप से सवाई माधोपुर की रहने वाली बबीता करीब दो साल पहले अपने पति से तलाक होने के बाद जयपुर में अपने माता-पिता और भाई के साथ रह रही थी. पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उसकी दिलचस्पी इंटरनेट पर पाकिस्तानी आतंकियों और उनके संगठनों के बारे में पढ़ने में बढ़ी. इसी दौरान वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में आ गई.
बदला धर्म
हैंडलर्स ने बबीता को पूरी तरह प्रभावित कर उसका ब्रेन वॉश कर दिया. इसके बाद उसने एक पाकिस्तानी मौलवी के जरिए ऑनलाइन कलमा पढ़कर अपना धर्म परिवर्तन कर लिया और अपना नया नाम 'खदीजा' रख लिया. धर्म बदलने के बाद उसने आतंकी अबू उबेदाह से इंटरनेट मीडिया पर ही निकाह पढ़ लिया. बबीता पूरी तरह से देश विरोधी ताकतों के रंग में रंग चुकी थी और वह जल्द से जल्द पाकिस्तान जाकर अपने शौहर अबू उबेदाह के साथ बसना चाहती थी.
खाड़ी देशों के रास्ते पाकिस्तान भागने की थी तैयारी
आतंकवाद निरोधी दस्ता के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी महिला अपने मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप समेत विभिन्न इंटरनेट मीडिया ऐप्स और एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म्स के जरिए सीमा पार बैठे आतंकियों से लगातार जुड़ी हुई थी. जांच में दर्ज आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बबीता को सीधे पाकिस्तान आने के बजाय सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने का रास्ता सुझाया था. इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वह लगातार अपना भारतीय पासपोर्ट बनवाने की कोशिशों में जुटी हुई थी.
एटीएस और सेना की संयुक्त कार्रवाई
बबीता की संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगने के बाद, बीते 20 जून को राजस्थान एटीएस और भारतीय सेना की खुफिया विंग ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर उसे जयपुर स्थित उसके घर से दबोच लिया था. चौंकाने वाली बात यह है कि देश विरोधी गंभीर साजिशों में शामिल होने के बावजूद पूछताछ के दौरान बबीता के चेहरे पर अपनी हरकतों को लेकर कोई पछतावा या शिकन नजर नहीं आई. वह फिलहाल 27 जून तक पुलिस रिमांड पर है.


