जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन के साथ पकड़ी गई 22 वर्षीय छात्रा हिमांशी तिवारी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस पूछताछ में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताने का जो तरीका सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया है. आरोपी छात्रा ने चेकिंग से बचने के लिए मोबाइल को अपने अंडरगारमेंट्स में छिपाया था और ऊपर से ढीली टी-शर्ट पहन रखी थी. जब सुरक्षा जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर मशीन की बीप बजी, तो उसने कपड़ों में हुक होने का बहाना बनाकर सुरक्षाकर्मियों को गुमराह कर दिया.
AI की मदद से सवालों के जवाब खोजने का था प्लान
बिंदायका स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर यह छात्रा तीसरी बार नीट की परीक्षा दे रही थी. परीक्षा खत्म होने से महज 15 मिनट पहले इनविजिलेटर ने उसे मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रा ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की 5 से 6 तस्वीरें खींच ली थीं. उसने स्वीकार किया कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पेपर के सटीक जवाब तलाशने के इरादे से फोन अंदर ले गई थी. परीक्षा केंद्र में जैमर लगे होने के कारण वह इन तस्वीरों को बाहर भेजने में नाकाम रही.
कड़े कानून के तहत कार्रवाई
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि छात्रा से जब्त किए गए आईफोन का डेटा रिकवर करने के लिए उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जा रहा है. इसके साथ ही परीक्षा केंद्र के कैमरों की डीवीआर (DVR) जब्त कर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की लापरवाही की जांच एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता को सौंपी गई है. इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है, जो कि एक गैर-जमानती अपराध है. इस सख्त कानून के तहत दोषी पाए जाने पर परीक्षार्थी को परीक्षा से डिबार करने के साथ-साथ 5 साल तक की सजा और 10 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. यदि इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका साबित होती है, तो यह सजा 10 साल और जुर्माना 1 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है. First Updated : Tuesday, 23 June 2026