राजस्थान में हाईप्रोफाइल गिरफ्तारी, महेश जोशी की गिरफ्तारी से बढ़ा सियासी पारा
राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पूर्व कांग्रेस मंत्री महेश जोशी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी गिरफ्त में आ चुके हैं. लगातार हो रही कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है.

राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को पूर्व कांग्रेस मंत्री महेश जोशी को कथित जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई पूर्व IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के एक महीने से अधिक समय बाद हुई है. इससे पहले भी पिछले साल अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय ने इसी मामले में महेश जोशी को गिरफ्तार किया था. उस दौरान उन्होंने करीब सात महीने जेल में बिताए थे, जिसके बाद दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी.
कहा,कब और कैसे से उठाया गया?
जानकारी के अनुसार, गुरुवार की सुबह करीब 5:30 बजे जयपुर स्थित महेश जोशी के आवास पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया. जब पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान महेश जोशी पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के मंत्री थे, तब सुबोध अग्रवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर रहते हुए विभाग का प्रभार संभाल रहे थे.
जल जीवन मिशन के ठेकों में फर्जीवाड़े का आरोप
मीडिया के अनुसार मामले में एक फर्म के मालिक पर जल जीवन मिशन के तहत ठेके हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप है. जांच एजेंसी का दावा है कि फर्म ने कथित तौर पर PHED के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से बोली संबंधी दस्तावेज, इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON) द्वारा जारी ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ और काम पूरा होने के फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे.
पहले ED भी कर चुकी है कार्रवाई
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले ही कार्रवाई कर चुका है. अप्रैल 2025 में ED ने महेश जोशी को गिरफ्तार किया था. करीब सात महीने जेल में रहने के बाद दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी. अब नई कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.


