रांची: झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने चुनाव में जीत दर्ज करते हुए राज्यसभा की सीट हासिल कर ली. इस जीत को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ महागठबंधन के लिए इसे एक राजनीतिक झटका बताया जा रहा है.
राज्यसभा चुनाव में परिमल नथवानी को कुल 30 वोट प्राप्त हुए थे, लेकिन जांच के दौरान दो मतों को अमान्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद उनके पक्ष में वैध मतों की संख्या 28 रह गई, जो जीत के लिए आवश्यक आंकड़े के बराबर थी. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को अपेक्षा से कम समर्थन मिला, जिससे चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई.
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे गठबंधन की बड़ी उपलब्धि बताया. कई नेताओं ने कहा कि यह परिणाम झारखंड की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत देता है. पार्टी नेताओं ने नथवानी की जीत को विकास और स्थिरता की राजनीति के समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया.
जीत के बाद परिमल नथवानी ने सभी विधायकों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथी बार सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है. उन्होंने विशेष रूप से झारखंड की जनता और विधानसभा सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य के विकास और लोगों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना होगी.
नथवानी ने यह भी कहा कि झारखंड उनकी कर्मभूमि रही है और यहां से दोबारा राज्यसभा पहुंचना उनके लिए भावनात्मक क्षण है. उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी राज्य के हितों के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे.
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सुबह शुरू हुआ और निर्धारित समय तक चला. इसके बाद शाम को मतगणना की गई. चुनाव में राज्य विधानसभा के सभी प्रमुख नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ विधायक भी मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बने.
राज्यसभा की दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम निर्वाचित हुए. इस चुनाव में कुल तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें परिमल नथवानी, बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा शामिल थे. दो सीटों पर तीन उम्मीदवारों के उतरने से मुकाबला काफी रोचक बन गया था.
चुनाव परिणामों के बाद झारखंड की राजनीति में नए समीकरणों और दलों के भीतर समर्थन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. First Updated : Thursday, 18 June 2026