दक्षिण के राज्य तेलंगाना में जनता ने बीआरएस को नकार दिया है और कांग्रेस को जनादेश दिया है. 119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा में कांग्रेस को 64 सीटें मिली हैं. वहीं बीआरएस 39 सीटों पर सिमट गई है. इसके साथ ही राज्य में अब सीएम फेस के नाम की चर्चा जोर पकड़ने लगी है.
रेवंत रेड्डी सबसे बड़े दावेदार
कांग्रेस के एक रणनीतिकार का कहना था कि जिस तरह से रेवंत रेड्डी ने जिस तरह से केसीआर और बीआरएस को सीधी चुनौती दी, उससे उनकी स्थिति मजबूत हुई है. चर्चा है कि रेवंत को पहले ही हाईकमान की ओर से भरोसा दिलाया गया है. रेवंत के बारे में कहा जा रहा है कि अगर उन्हें कमान दी जाती है तो बीआरएस से कुछ विधायक, खासकर रेड्डी समुदाय से जुड़े विधायक कांग्रेस खेमे में आ सकते हैं. वहीं माना जा रहा है कि रेवंत को कुर्सी मिलती है तो केसीआर व उनके परिवार के खिलाफ मामलों में वह सख्त एक्शन लेने से नहीं हिचकिचाएंगे. रेवंत चंद्रबाबू नायडू के करीबी भी माने जाते हैं. उनके जरिए कांग्रेस और टीडीपी आने वाले समय में और नजदीक आ सकते हैं, जिसके लिए रेवंत अहम कड़ी साबित हो सकते हैं.
एम उत्तम कुमार रेड्डी भी रेस में
वहीं इस रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व मौजूदा सांसद एम उत्तम कुमार रेड्डी भी रेस में माने जा रहे हैं. किरण कुमार सरकार में मंत्री रहे उत्तम कुमार रेड्डी हुजूरनगर से चुनाव जीते हैं. चर्चा है कि अगर दोनों रेड्डी के बीच मामला फंसता है तो मौजूदा कांग्रेस विधायक दल के नेता विकमार्क मालू भट्टी की लॉटरी लग सकती है. इस रेस में बोइंगीर लोकसभा सीट के सांसद व कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी भी रेस में हैं, जो नालगोंडा असेंबली सीट से जीते हैं. इनके अलावा, बाह्मण समुदाय से आने वाले श्रीधर बाबू का नाम भी सामने आ रहा है, जो करीमनगर की मंथनी सीट से मौजूदा विधायक हैं. पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हाराव के रिश्तेदार बाबू किरण कुमार रेड्डी सरकार में मंत्री रहे हैं.
विक्रमार्क मल्लू भट्टी
खम्मम जिले के मधिरा (एससी) निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार मल्लू भट्टी विक्रमार्क तीन बार विधायक रह चुके हैं और अब तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अपना चौथा कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं. उनके पास सदन में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता का पद है और उन्हें पार्टी के एक समर्पित वफादार के रूप में व्यापक रूप से पहचाना जाता है.
कोमाटी रेड्डी
कोमाटी रेड्डी भुवनगिरी लोकसभा सीट से सांसद हैं. वह नलगोंडा विधानसभी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बनाए गए थे. उनका नाम राज्य में सीएम पद की रेस में शामिल हैं. वह 2019 में लोकसभा के लिए चुने जाने से पहले कामोटी तेलंगाना के विधायक थे. इसके पहले वह 1999 से 2014 के बीच आंध्र प्रदेश में तीन बार विधायक रह चुके हैं.
First Updated : Monday, 04 December 2023