नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर अफवाहें तेजी से फैल रही हैं. इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यह भले ही पाकिस्तान का आंतरिक मामला हो, लेकिन एक इंसान की जिंदगी दांव पर है और इसे सार्वजनिक जानकारी बनाना आवश्यक है.
हम चाहते हैं कि सरकार सबूत दे कि...
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने खुलकर कहा कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले कई दिनों से उनके पिता की कोई जानकारी नहीं मिली. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम चाहते हैं कि सरकार सबूत दे कि मेरे पिता जीवित हैं.” कासिम के इस बयान ने अफवाहों को और हवा दी.
राजनीति से बढ़कर मामला मानवता का
शशि थरूर ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान सरकार की चुप्पी चिंता का कारण है. उन्होंने बताया कि कई लोग दावा कर रहे हैं कि कुछ गंभीर हुआ है, लेकिन पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं आई. थरूर ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि एक इंसान की जिंदगी का मामला है.
परिवार की कानूनी लड़ाई
इमरान खान की बहनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अवमानना याचिका दायर की है क्योंकि जेल प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी. PTI ने चेतावनी दी है कि यदि परिवार को मुलाकात की अनुमति नहीं मिली, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन होंगे.
जेल में हालात और अफवाहें
73 वर्षीय इमरान खान लगभग 845 दिनों से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं. पिछले छह हफ्तों से उन्हें कथित रूप से सख्त एकांतवास में रखा गया है. इस दौरान अफवाहें फैली हैं कि उनकी सेहत बिगड़ रही है, वजन कम हो रहा है और उनके साथ स्लो पॉइजनिंग जैसी घटनाएं हुई हैं. इस पूरे मामले में पारदर्शिता और परिवार को जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है. न केवल पाकिस्तान, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और लाखों समर्थक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इमरान खान की स्थिति कैसी है. शशि थरूर ने भी कहा कि सरकार और एजेंसियों को खुलकर स्थिति साफ करनी चाहिए.
First Updated : Saturday, 29 November 2025