नई दिल्ली: कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी भावी चुनावी योजनाओं को लेकर एक ऐसा ऐलान किया है, जिसने राज्य की राजनीति में अचानक सियासी गर्माहट पैदा कर दी है. मंड्या में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे साल 2028 का आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन उनके इस वक्तव्य ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भावी नेतृत्व और नए समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
चुनावी राजनीति से दूरी बनाने का संकेत
मंड्या में जनता के बीच अपनी बात रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बिना किसी संकोच के अपनी बात कही. उन्होंने कहा, 'मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा.' उनके इस संक्षिप्त लेकिन कड़े बयान से यह साफ संदेश मिलता है कि वे अब प्रत्यक्ष चुनावी राजनीति से धीरे-धीरे पीछे हटने का मन बना चुके हैं. हालांकि, उन्होंने राजनीति से पूर्ण संन्यास की घोषणा नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि अगली बार वे उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में नज़र नहीं आएंगे.
नेतृत्व परिवर्तन के बाद आया बड़ा फैसला
सिद्धारमैया के इस फैसले को हाल ही में हुए राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम से भी जोड़कर देखा जा रहा है. मई 2026 में ही कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद डी. के. शिवकुमार के राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ था.
सिद्धारमैया ने क्यों उठाया होगा यह कदम
पद छोड़ने के कुछ ही समय बाद आए उनके इस नए बयान को राजनीतिक विश्लेषक बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं. जानकारों का कहना है कि सिद्धारमैया का यह कदम पार्टी के भीतर अगली पीढ़ी के नेतृत्व को स्थापित करने और नए नेताओं को आगे लाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है.
क्या हैं आगे के सियासी मायने?
सिद्धारमैया कर्नाटक के उन गिने-चुने नेताओं में से हैं, जिनकी राज्य के अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित वोट बैंक पर जबरदस्त पकड़ मानी जाती है. ऐसे में उनके चुनावी मैदान से हटने का सीधा असर न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी शक्ति-संतुलन पर पड़ेगा, बल्कि विपक्षी दलों को भी अपनी नई रणनीति गढ़ने पर मजबूर होना पड़ेगा. फिलहाल, उनके समर्थकों के लिए यह खबर भावुक करने वाली जरूर है, लेकिन यह साफ हो चुका है कि 2028 के सियासी रण में सिद्धारमैया बतौर प्रत्याशी नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका में दिखाई दे सकते हैं. First Updated : Sunday, 26 July 2026