रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फिर मर्चेंट जहाज पर हमला, दो भारतीय नाविक लापता
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में एक मर्चेंट जहाज पर हुए हमले के बाद चार भारतीय नाविकों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं. भारतीय दूतावास ने राहत एवं बचाव अभियान जारी होने की जानकारी देते हुए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने की पुष्टि की है.

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र में एक बार फिर एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज हमले का शिकार हो गया है. यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास हुए इस हमले में MV AGN Ragnar नामक मर्चेंट वेसल प्रभावित हुआ. जहाज पर चार भारतीय नागरिक क्रू सदस्य के रूप में तैनात थे. घटना के बाद कीव स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि इनमें से दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य नाविक अब भी लापता हैं. उनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है.
हेल्पलाइन नंबर जारी
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. दूतावास स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीय नागरिकों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके. इसके साथ ही आपात स्थिति में सहायता के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है.
इससे पहले कहा हुआ हमला
यह हालिया हमला ऐसे समय हुआ है जब काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. कुछ दिन पहले ही ओडेसा से रवाना हुए MV Golden Leo नाम मालवाहक जहाज पर भी हमला हुआ था, जिसमें चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. उस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रूस के वरिष्ठ राजनयिक के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया था.
लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने भारतीय नाविकों और मर्चेंट नेवी कर्मियों के लिए नई सुरक्षा सलाह जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि अप्रैल से काला सागर क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, इसलिए इस मार्ग पर काम करने वाले सभी समुद्री कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए.
भारतीय नाविकों की तलाश जारी
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि किसी भी शिपिंग कंपनी के साथ अनुबंध करने से पहले जहाज के रूट, जिन बंदरगाहों पर वह रुकेगा, बीमा व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन सहायता प्रणाली की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें. फिलहाल भारतीय दूतावास लापता दोनों भारतीय नाविकों की तलाश पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.


