'अमेरिका की मिसाइलें खत्म होने लगी?' 13 दिन की बमबारी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने बदली रणनीति, ईरान पर नए हमलों पर लगाई रोक
ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान पर नए सैन्य हमले रोकने का निर्देश दिया है और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया है.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हमले नहीं करने का निर्देश दिया है. बताया जा रहा है कि शीर्ष सलाहकारों और कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि लंबे समय तक चले सैन्य अभियान के कारण अमेरिका के रक्षा संसाधनों पर दबाव बढ़ने की चिंता जताई गई है.
लगातार हमलों के बाद बदली रणनीति
रिपोर्टों के मुताबिक, कई दिनों तक सैन्य कार्रवाई जारी रहने के बाद ट्रंप ने फिलहाल नए हमलों को मंजूरी नहीं दी. उन्होंने संकेत दिए कि उनकी प्राथमिकता व्यापक युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तलाशना है. उनका मानना है कि कूटनीतिक रास्ता अपनाकर तनाव को कम किया जा सकता है.
सैन्य अधिकारियों ने जताई चिंता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने सरकार को आगाह किया कि यदि बड़े स्तर पर सैन्य अभियान जारी रहा तो मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी बलों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. अधिकारियों का कहना था कि रक्षा प्रणालियों और इंटरसेप्टर मिसाइलों का संतुलित उपयोग आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा बनी रहे.
बातचीत पर ट्रंप का जोर
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई करने की क्षमता है, लेकिन फिलहाल ईरान के साथ बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य ऐसा समाधान निकालना है जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो और संघर्ष आगे न बढ़े. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सैन्य विकल्प हमेशा उपलब्ध रहेगा, लेकिन इस समय वार्ता को प्राथमिकता दी जा रही है.
इजरायल भी रहा सतर्क
रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इजरायल भी हाई अलर्ट पर रहा. वहां के अधिकारियों को आशंका थी कि यदि अमेरिका की ओर से नए हमले होते हैं तो उसके जवाब में इजरायल को भी निशाना बनाया जा सकता है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर रखी थी.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान पर हमले रोकने का फैसला अस्थायी है या लंबे समय के लिए. हालांकि, रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर कम समय में फिर से सैन्य अभियान शुरू करने की क्षमता रखती है.


