कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त LPG कोटा मिलेगा
सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को सामान्य बताते हुए कमर्शियल सिलेंडरों के लिए 10% अतिरिक्त कोटा देने का फैसला किया है. साथ ही, PNG अपनाने की अपील, 93% ऑनलाइन बुकिंग और कालाबाजारी रोकने के लिए 2300 आउटलेट्स पर छापेमारी की गई है.

इंटर-मिनिस्ट्रियल बैठक में देश की ऊर्जा आपूर्ति और रसोई गैस वितरण व्यवस्था को लेकर सरकार ने कई अहम फैसले और जानकारी साझा की. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की गई है. हालांकि, आने वाले समय में संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
एलपीजी की आपूर्ति बिना रुकावट के जारी
सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. अब सभी राज्यों को पहले के मुकाबले 10 प्रतिशत अतिरिक्त एलपीजी कोटा दिया जाएगा. इस निर्णय से खास तौर पर छोटे दुकानदारों, ढाबा संचालकों और रेस्टोरेंट मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है. अक्सर त्योहारों या अचानक बढ़ी मांग के दौरान उन्हें गैस की कमी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस अतिरिक्त कोटे से उनकी परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. फिलहाल देशभर में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है.
घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. सरकार के अनुसार, देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो एक राहत भरी खबर है. इसके बावजूद वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा है. इसी वजह से सरकार ने लोगों से अपील की है कि जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ता धीरे-धीरे एलपीजी सिलेंडर की बजाय पीएनजी को अपनाएं. इससे गैस वितरण पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को भी अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक विकल्प मिल सकेगा.
सरकार का नागरिकों से आग्रह
डिजिटल सेवाओं के उपयोग में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, कुल एलपीजी बुकिंग में से 93 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है. सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और केवल आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ही बुकिंग करें. साथ ही किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
वहीं, गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाए रखने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई है. इसी कड़ी में देशभर के लगभग 2300 एलपीजी आउटलेट्स पर अचानक निरीक्षण किया गया, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.


