कोलकाता में TMC ने खाली करना शुरू किया अस्थाई मुख्यालय, नए ठिकाने पर शिफ्ट होने की तैयारी
तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता स्थित अपने अस्थायी मुख्यालय को खाली करना शुरू कर दिया है और पार्टी जल्द ही नए ठिकाने पर शिफ्ट हो सकती है. भवन मालिक मोनोतोश साहा के साथ विवाद और पुराने मुख्यालय के निर्माण कार्य के अधूरा रहने के बीच यह कदम उठाया गया है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता स्थित अपने अस्थायी पार्टी मुख्यालय को खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास स्थित पांच मंजिला इमारत में पिछले कुछ वर्षों से पार्टी का अस्थायी संचालन केंद्र चल रहा था. मंगलवार देर रात से यहां मौजूद फर्नीचर, कार्यालयी सामान और अन्य सामग्री को हटाने का काम शुरू किया गया.
खाली किया जा रहा भवन
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के समय भवन के बाहर कई मालवाहक वाहन खड़े दिखाई दिए, जिनमें पार्टी कार्यालय का सामान लादा जा रहा था. सुबह होते-होते ये वाहन वहां से रवाना हो गए. जानकारी के अनुसार, फिलहाल इमारत की पहली और दूसरी मंजिल से सामान हटाया गया है, जबकि बाकी हिस्सों को भी चरणबद्ध तरीके से खाली किया जाएगा.
यह भवन कारोबारी मोनोतोश साहा, जिन्हें मोंटू साहा के नाम से भी जाना जाता है, के स्वामित्व में है. उनकी कंपनी ‘मॉडर्न डेकोरेटिंग’ लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों के लिए मंच निर्माण का कार्य करती रही है. यहां तक कि कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में आयोजित होने वाले पार्टी के महत्वपूर्ण ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम के मंच का निर्माण भी इसी कंपनी ने किया था.
हालांकि, हालिया विधानसभा चुनावों के बाद दोनों पक्षों के संबंधों में खटास आने की खबरें सामने आईं. इसके बाद भवन मालिक ने पार्टी नेतृत्व से परिसर खाली करने का अनुरोध किया. उनका आरोप था कि कई बार आग्रह करने के बावजूद भवन खाली नहीं किया गया. इस मुद्दे को लेकर उन्होंने स्थानीय प्रगति मैदान थाने से भी संपर्क किया था.
मामले के तूल पकड़ने के बाद तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने भी पुलिस प्रशासन से बातचीत की. पार्टी प्रतिनिधियों ने किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज और भुगतान संबंधी रसीदें अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं.
क्या है तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का दावा?
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का दावा है कि भवन के उपयोग को लेकर 2027 तक का समझौता किया गया था. बावजूद इसके, चुनावी परिस्थितियों के बाद भवन मालिक के रुख में बदलाव आया. पार्टी की पहली मंजिल पर विभिन्न जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्था थी, जबकि दूसरी मंजिल मीडिया गतिविधियों के संचालन का केंद्र बनी हुई थी.
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी के पुराने मुख्यालय के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य शुरू हुआ था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे में तृणमूल कांग्रेस निकट भविष्य में किसी अन्य स्थान को अपना नया अस्थायी मुख्यालय बना सकती है.


