'छात्र हित सबसे ऊपर' धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामने आई सरकार की पहली प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. सरकार ने कहा यह फैसला छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता की मंशा को दर्शाता है. इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है.

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज की सराहना की है. उन्होंने कहा कि शिक्षा और छात्रों के हितों के लिए प्रधान का समर्पण उनके पूरे सार्वजनिक जीवन में साफ दिखाई देता है.
पोस्ट में क्या लिखा
आगे किरेन रिजिजू ने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी भी नेता की असली पहचान उसके लंबे समय तक किए गए काम और समर्पण से होती है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने हमेशा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया. केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनके साथ काम करने के दौरान उन्होंने यह करीब से देखा कि प्रधान हर बड़े फैसले में छात्रों के भविष्य को सबसे आगे रखते थे.
True leadership is measured over decades & @dpradhanbjp ji’s journey stands as a testament to lifelong engagement with public life & student welfare.
Having worked alongside him in the Union Cabinet, I have seen his sincere dedication to strengthening India’s education ecosystem… pic.twitter.com/dNavUuVVh7— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) July 25, 2026
उन्होंने आगे कहा कि देश के शिक्षा मंत्रालय जैसी अहम जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान ने इसे पूरी ईमानदारी, दृढ़ता और स्पष्ट सोच के साथ संभाला. रिजिजू ने शिक्षा मंत्री के रूप में उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह आगे भी इसी समर्पण के साथ देश की सेवा करते रहेंगे.
सोशल मीडिया पर शेयर किया इस्तीफा
बता दें हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया. उन्होंने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है और जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन का कोई गलत फायदा न उठा सके, इसलिए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया.
सरकार की ओर से सम्मानजनक विदाई
दरअसल, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी. जानकारी के मुताबिक, सरकार और CJP के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत से पहले उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का फैसला लिया. सूत्रों का कहना है कि उन्हें पद से हटाया नहीं गया, बल्कि उन्होंने खुद नैतिक आधार पर यह कदम उठाया, ताकि सरकार की ओर से उन्हें सम्मानजनक विदाई दी जा सके.
बता दें, ओडिशा से आने वाले भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने साल 2021 में पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद संभाला था. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें एक बार फिर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.


