नई दिल्लीः दुबई एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान की दर्दनाक दुर्घटना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने सोमवार को अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी. कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घटना पूरी तरह अलग-थलग और असाधारण परिस्थितियों में हुई दुर्घटना थी. हालांकि एचएएल ने इन परिस्थितियों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, लेकिन कंपनी ने आश्वस्त किया कि इससे उसके भविष्य के संचालन या डिलीवरी पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.
तेजस का निर्माण करने वाली प्रमुख भारतीय कंपनी एचएएल ने कहा कि दुर्घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इससे तेजस परियोजना की विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगता. कंपनी के अनुसार, यह घटना अत्यंत असामान्य हालात में हुई और ऐसे कारणों की जांच भारतीय वायुसेना एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ मिलकर कर रहे हैं.
एचएएल ने भरोसा दिलाया कि उसकी उत्पादन क्षमता, सप्लाई टाइमलाइन और भविष्य की डिलीवरी पूरी तरह सुरक्षित हैं. साथ ही, कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों को सभी तकनीकी और दस्तावेजी सहयोग उपलब्ध कराएगी.
बता दें कि दुबई एयरशो में शुक्रवार को आयोजित एक एरियल डिस्प्ले के दौरान तेजस विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही क्षणों में आग के गोले में बदल गया. यह दृश्य देखकर दर्शकों में हड़कंप मच गया. भारतीय वायुसेना के 37 वर्षीय पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल इस हादसे में शहीद हो गए. दरअसल, हवाई करतब दिखाने के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसके बाद दुबई वर्ल्ड सेंट्रल स्थित अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर काला धुआं फैल गया. वहां मौजूद लोगों ने भय और सदमे के साथ पूरा घटनाक्रम अपनी आंखों से देखा.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए ज़ूम वीडियो में तेजस को स्टंट करते हुए देखा जा सकता है. एक अन्य वीडियो में अंतिम क्षणों में पायलट को कॉकपिट से बाहर निकलने की कोशिश करते हुए दिखाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से वह इससे पहले ही दुर्घटना का शिकार हो गए. विंग कमांडर नमांश स्याल भारतीय वायुसेना के बेहद कुशल और साहसी पायलटों में गिने जाते थे. उनके निधन ने पूरी सेना और देश को गहरे शोक में डाल दिया.
घटना के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना ने घोषणा की कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक जांच टीम बनाई जाएगी. यह समिति तकनीकी खामियों, मौसम संबंधी स्थितियों, मानवीय त्रुटियों सहित हर संभावित पहलू की गहन जांच करेगी. दुर्घटना के कुछ ही वक्त बाद एचएएल ने आधिकारिक बयान जारी कर पायलट के निधन पर गहरा दुख जताया. कंपनी ने कहा कि वह इस क्षति को देश की बड़ी क्षति मानती है और पायलट के परिवार के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है.
तेजस जैसे एडवांस भारतीय लड़ाकू विमान के साथ हुई यह घटना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की रक्षा तकनीक पर कई सवाल भी खड़े करती है. हालांकि एचएएल और भारतीय वायुसेना दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तकनीकी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है. यह हादसा भारतीय रक्षा जगत, दुबई एयर शो और पायलट समुदाय सभी के लिए एक गहरा आघात है. जांच रिपोर्ट आने तक पूरा देश इस बहादुर पायलट को श्रद्धांजलि दे रहा है और तेजस परियोजना की सुरक्षा और भविष्य पर निगाहें टिकी हैं.
First Updated : Monday, 24 November 2025