मध्य प्रदेश के सिवनी में एक महिला शिक्षिका को कई छात्राओं द्वारा पैर की मालिश करवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। मसाज का पूरा वीडियो कमरे में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 10-15 दिन पुराना है। वीडियो में शिक्षिका सुजाता मडके कुर्सी पर आराम करती नजर आ रही हैं, जबकि 6-7 छात्र उनके पैरों की मालिश कर रहे हैं। घटना डुंडा सिवनी थाना क्षेत्र के जनता नगर स्थित आदिवासी आश्रम में घटी। मामला प्रकाश में आने के बाद आदिवासी विभाग की क्षेत्र समन्वयक पूजा उइके ने घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
दावा लगाए गए आरोप झूठ
उन्होंने कहा कि छात्र सिर्फ उनकी उंगलियां और मेज के नीचे रखे पत्थरों को गिन रहे थे तथा दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "भाजपा सरकार में आदिवासियों का कभी सम्मान नहीं हुआ और अब देवी जैसी बेटियों का भी अपमान किया जा रहा है।"
घटना को लेकर हर तरफ हो रही चर्चा
घटना के प्रकाश में आने के बाद छात्रों के नाराज परिजन कथित तौर पर शिक्षिका सुजाता मडके से बात करने गए। मडके को इससे पहले 6 जून 2024 को कुराई छात्रावास में अधीक्षक के रूप में काम करते समय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया था। ढाई महीने पहले बहाल होने के बाद उन्होंने आदिवासी आश्रम में अपनी भूमिका की पुनः समीक्षा शुरू कर दी है। First Updated : Friday, 14 February 2025