70 KM/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश का कहर, 11 राज्यों में दो दिन भारी अलर्ट

देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है. IMD ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में 60-70 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ आंधी, ओले और भारी बारिश 11 राज्यों में कहर मचा सकती है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अप्रैल के अंतिम सप्ताह में देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है. जहां पूरे महीने लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे थे, वहीं 30 अप्रैल को अचानक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने हालात बदल दिए. इस अप्रत्याशित बदलाव ने लोगों को राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही खतरे की आशंका भी बढ़ा दी है.

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 मई से अगले दो दिनों तक देश के कई राज्यों में तेज आंधी, ओले और भारी बारिश का संयुक्त असर देखने को मिलेगा. 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह बदलाव राहत का संकेत है या एक नई परेशानी की शुरुआत.

कई मौसमीय सिस्टम मिलकर बना रहे हैं खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक यह बदलाव अचानक नहीं आया है. पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे कई सिस्टम सक्रिय होकर पूरे देश के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक इसका असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है.

कई राज्यों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में हीटवेव का प्रभाव अभी भी जारी है. यानी राहत और जोखिम दोनों एक साथ बने हुए हैं, जिससे अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं.

जनजीवन और खेती पर असर

तेज हवाओं के चलते पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ट्रैफिक पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है. किसानों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है. लोगों को सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक यू-टर्न लिया है. तेज आंधी, बारिश और ओलों ने तापमान में गिरावट ला दी है. कई जगहों पर पेड़ गिरने और ट्रैफिक बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं.

मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. इसके साथ ही बिजली गिरने और गरज-चमक की घटनाएं बढ़ने की संभावना है.

उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का प्रभाव बढ़ता जा रहा है. पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं. कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

बुंदेलखंड और पूर्वी जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका अधिक है. हाल के घंटों में धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

बिहार में राहत के साथ खतरा

बिहार में तेज हवाओं और बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे गर्मी से राहत मिली है. लेकिन इसके साथ ही आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का खतरा भी बढ़ गया है.

करीब 22 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है.

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज

राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिला है. कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और हल्की से मध्यम बारिश हुई है.

तेज हवाओं के कारण तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट आई है. कुछ इलाकों में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे धूल भरी आंधी और सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है.

पंजाब-हरियाणा में तेज हवाओं का असर

पंजाब में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे फसलों और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.

हरियाणा में भी इसी तरह के हालात हैं. तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, लेकिन बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है.

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के कारण लगातार बारिश और ओलावृष्टि हो रही है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है.

हिमाचल प्रदेश में शिमला, मनाली जैसे इलाकों में बारिश और ओलों का असर देखा गया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है.

जम्मू-कश्मीर में भी बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर बढ़ गया है.

पूर्वोत्तर राज्यों में तूफान का खतरा

असम, नागालैंड समेत पूर्वोत्तर राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर देखा जा रहा है. यहां भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.

भौगोलिक स्थिति के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

दक्षिण भारत में प्री-मानसून सक्रिय

दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है.

तटीय इलाकों में समुद्र में उफान की आशंका है, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

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