राज्यसभा से इस्तीफे के तुरंत बाद सांसद सुष्मिता देव ने हिमंत सरमा से की मुलाकात, BJP में शामिल होने की अटकलें तेज

तृणमूल कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं, इस्तीफे के बाद सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उसके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं. 

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ती असंतोष की आवाजें चर्चा का विषय बनी हुई हैं. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब एक के बाद एक बड़े नेताओं के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. पहले राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय ने पार्टी और संसद दोनों से दूरी बनाई, और अब टीएमसी की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा सदस्यता छोड़ दी है. इन घटनाओं को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है.

हाल के दिनों में टीएमसी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आया है. पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों के एक अलग रुख अपनाने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि संगठन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रही अंदरूनी खींचतान पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकती है. इसी बीच राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा सामने आने से राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला है. उनके इस फैसले ने यह संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर चल रही हलचल अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है.

कांग्रेस से टीएमसी तक का सफर

सुष्मिता देव का राजनीतिक करियर लंबे समय तक कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा. वह असम के सिलचर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं. हालांकि चुनावी हार के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया और वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया. टीएमसी में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं. वह राष्ट्रीय प्रवक्ता बनीं और बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया. कम समय में उन्होंने पार्टी के प्रमुख चेहरों में अपनी पहचान बनाई.

इस्तीफे के बाद बढ़ीं नई अटकलें

राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव की एक मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

राज्यसभा अध्यक्ष को भेजा इस्तीफा

सुष्मिता देव ने अपने त्यागपत्र में राज्यसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए. उनके अचानक लिए गए इस निर्णय ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों को भी चौंका दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.

सुखेन्दु शेखर रॉय के इस्तीफे से भी मचा था राजनीतिक भूचाल

सुष्मिता देव के इस्तीफे से पहले टीएमसी को एक और बड़ा झटका तब लगा था जब वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया था. करीब 13 वर्षों तक राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक की भूमिका निभाने वाले रॉय ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि राज्य की जनता भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर नाराज है.

भाजपा की तारीफ भी बनी चर्चा का विषय

अपने पत्र में सुखेन्दु शेखर रॉय ने भाजपा की चुनावी सफलता का भी उल्लेख किया था. उन्होंने कहा था कि राज्य की राजनीति में मतदाताओं ने बदलाव का संकेत दिया है और नई सरकार विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों पर काम कर रही है. उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया था. विपक्षी दलों ने इसे टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष का प्रमाण बताया, जबकि पार्टी की ओर से इन आरोपों को गंभीरता से नहीं लिया गया. First Updated : Wednesday, 10 June 2026