अब डिजिटल होगा ठाकुरजी का चढ़ावा, बांके बिहारी मंदिर में नई व्यवस्था लागू
एक प्रमुख मंदिर में दान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. नई डिजिटल पहल के बाद श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ रही है और मंदिर प्रशासन इसे भविष्य की दिशा में अहम कदम मान रहा है.

मथुरा/वृंदावन: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी होने की घटना के बाद वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ दान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी कड़ी में मंदिर परिसर की दान पेटिकाओं पर अब QR कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु सीधे ऑनलाइन दान कर सकेंगे.
कैश के बजाय डिजिटल दान पर जोर
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि डिजिटल दान व्यवस्था से नकदी के रखरखाव और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां कम होंगी. इसके लिए मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं को नकद चढ़ावा देने के बजाय डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित करें. श्रद्धालु अब अपने मोबाइल फोन से QR कोड स्कैन कर आसानी से दान राशि मंदिर खाते में भेज सकते हैं.
एसबीआई की मशीन हुई स्थापित
ऑनलाइन दान व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मंदिर कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक मशीन स्थापित की जा चुकी है. मंदिर प्रशासन के अनुसार बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए जल्द ही एक और मशीन लगाई जाएगी, जिससे दान प्रक्रिया और अधिक सुविधाजनक बन सके. इससे डिजिटल लेनदेन की निगरानी और रिकॉर्ड रखने में भी आसानी होगी.
मंदिर परिसर में लगाए जाएंगे जागरूकता बोर्ड
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति भी इस नई व्यवस्था को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है. समिति मंदिर परिसर में ऐसे सूचना बोर्ड लगाने की तैयारी कर रही है, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दान के लाभ और प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक भक्तों को डिजिटल भुगतान से जोड़ना है.
चार महीने में बढ़ा ऑनलाइन दान का प्रतिशत
हाई पावर कमेटी के उपाध्यक्ष मुकेश मिश्र ने बताया कि डिजिटल दान व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. पिछले चार महीनों के दौरान ऑनलाइन दान करने वाले भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. वर्तमान समय में मंदिर को प्राप्त होने वाले कुल चढ़ावे का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल माध्यम से आ रहा है.
पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों होंगे मजबूत
मंदिर प्रशासन का कहना है कि QR कोड आधारित दान व्यवस्था से चढ़ावे की राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी. साथ ही नकदी की आवाजाही घटने से सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी. राम मंदिर में सामने आए चोरी के मामले के बाद उठाया गया यह कदम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी एक उदाहरण माना जा रहा है.


