राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में बड़ा खुलासा! टिन्नू यादव समेत कई कर्मचारी SIT के रडार पर, जल्द हो सकता है बड़ा एक्शन
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच में नकदी गिनने वाले कर्मचारियों और टिन्नू यादव समेत कई लोगों की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है. एसआईटी अब चोरी के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही की भी गहन जांच कर रही है.

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब तेज हो गई है. विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में कई नए पहलू सामने आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, नकदी गिनने और उसके प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में है. जांच एजेंसियां उन लोगों की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा कर रही हैं, जिन पर चढ़ावे की राशि की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी.
कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी
जांच में सामने आया है कि नकदी गिनती प्रक्रिया से जुड़े कुछ कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर पाए. टिन्नू यादव समेत कई लोगों के नाम जांच के दौरान चर्चा में आए हैं. बताया जा रहा है कि कथित अनियमितताओं और लापरवाही के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों की भी हो रही जांच
एसआईटी का फोकस अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है. जांच टीम प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है. राम मंदिर परिसर में करीब 800 कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, जिनमें लगभग 200 कर्मियों की नियुक्ति ट्रस्ट की ओर से की गई है.
पुराने कर्मचारियों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
जांच एजेंसी ने लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी है. उनकी तैनाती की अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इससे पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी.
जवाबदेही और निगरानी पर विशेष जोर
जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं निगरानी व्यवस्था में कोई कमी तो नहीं थी. प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही और जवाबदेही तय करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं.
मामले पर सियासत भी तेज
इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हुई हैं और अयोध्या के स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ा है. साथ ही उन्होंने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए नियमित जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही है.


