अलीगढ़ में सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर विवाद, यूपी के मंत्री बोले- ऐसे लोग या तो पाकिस्तान जाएं या...

अलीगढ़ में ईद के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ने के कथित मामले पर विवाद बढ़ गया है. मंत्री के कड़े बयान के बाद सियासत गरमा गई है, जबकि प्रशासन और स्थानीय पक्षों के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.

Shraddha Mishra

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ईद के मौके पर नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. एक ओर प्रशासन और स्थानीय लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे कर रहे हैं, वहीं सरकार के एक मंत्री के बयान ने इस मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मुद्दा तेजी से सुर्खियों में आ गया है.

यूपी सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, खासकर सड़कों पर नमाज अदा करना कानून के खिलाफ है और ऐसे लोगों को पाकिस्तान या इराक चले जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सड़क पर नमाज पढ़ते हैं, वे नियमों का उल्लंघन करते हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. 

कानून और नियमों की बात

मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि किसी भी सार्वजनिक जगह पर इस तरह की गतिविधियां करना सही नहीं है. उनके अनुसार, हर व्यक्ति को संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने धार्मिक कार्य करने चाहिए. उन्होंने यह भी जोर दिया कि सड़क पर नमाज पढ़ना कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इस तरह की घटनाओं को रोका जाना जरूरी है.

प्रशासन और अधिकारियों पर सवाल

इस पूरे मामले में मंत्री ने यह भी कहा कि अगर इस घटना में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है. मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लेने की बात सामने आई है, जिससे साफ है कि सरकार इस मुद्दे को हल्के में नहीं ले रही है.

प्रशासन और स्थानीय पक्ष में मतभेद

इस विवाद में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं. अलीगढ़ के जिलाधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि सड़क पर नमाज नहीं हुई थी. वहीं दूसरी ओर, कुछ धार्मिक नेताओं का दावा है कि नमाज सड़क पर ही अदा की गई थी. इन विरोधाभासी बयानों के कारण मामला और उलझ गया है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, ईद के दिन अलीगढ़ में ईदगाह के बाहर नमाज पढ़ने की घटना सामने आई थी. बताया गया कि कुछ लोग ईदगाह के बाहर सड़क पर बैठकर नमाज अदा करने लगे थे. बाद में प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद इस पर बहस शुरू हो गई. वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं.

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