लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों में घिर गई। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की देरी और बचाव के दौरान लोगों की जद्दोजहद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
चश्मदीद ओम प्रकाश के मुताबिक आग लगने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक इमारत के अंदर फंसे लोगों की सांसें अटक चुकी थीं। हालात इतने खराब थे कि लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पत्थर मारकर इमारत के कांच तोड़ दिए। कांच टूटते ही कई युवक और युवतियां छज्जों और खुले हिस्सों से कूदकर बाहर निकले।
ओम प्रकाश ने बताया कि अगर स्थानीय लोग मदद के लिए आगे न आते तो हादसा और बड़ा हो सकता था। कई लोग धुएं और आग के बीच फंस गए थे, जिन्हें आसपास के लोगों ने मिलकर सुरक्षित निकाला।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि इमारत में कोई कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी नहीं चल रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी और ऊपर की मंजिल पर एनिमेशन सेंटर संचालित हो रहा था, जहां कर्मचारी मौजूद थे। आग लगने से पेट शॉप में रखा पशुओं का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। आसपास लगे पेड़ भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए।
सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है। एडीसीपी सेंट्रल जितेंद्र कुमार ने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने फायर ब्रिगेड की देरी से जुड़े सवालों पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार शुरुआत में 4-5 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, लेकिन बाद में सभी को बाहर निकाल लिया गया। एक व्यक्ति घायल हुआ है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि अभी किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है। First Updated : Monday, 22 June 2026