मजहबी सोच को देश स्वीकार नहीं...मौलान द्वारा CM योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भड़के सांसद रवि किशन
बिहार के एक मौलाना द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता पर की गई अभद्र टिप्पणी ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. रवि किशन समेत कई नेताओं ने इस अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा करते हुए माफी की मांग की है.

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूज्य माता के खिलाफ बिहार के एक मौलाना द्वारा की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी ने राज्य के राजनीतिक माहौल में भारी तनाव पैदा कर दिया है. इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा खेमे और आम जनता में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है. गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने इसे भारतीय सभ्यता और मातृत्व का घोर अपमान बताया है. यह पूरा विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर राजधानी की सड़कों तक पहुंच गया है. जहां दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग हो रही है. यह घटना अब एक बड़े राष्ट्रीय विमर्श का रूप ले चुकी है.
रवि किशन का तीखा पलटवार
आपको बता दें कि भाजपा सांसद रवि किशन ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के विवादित बयान पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे एक घृणित मानसिकता का परिणाम करार दिया है. उनका कहना है कि हमारी संस्कृति में मां को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है और किसी की पूज्य माता के विषय में ऐसी भद्दी भाषा का प्रयोग करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता. किशन के मुताबिक. ऐसे बयान देने वाले लोग अपनी निकृष्ट सोच और परवरिश का परिचय दे रहे हैं. जो महिलाओं के सम्मान को नीचा दिखाती है.
मौलाना ने दिया था भड़काऊ बयान
इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम उत्तर प्रदेश की गोकशी विरोधी नीतियों की तीखी और असभ्य आलोचना करते हुए नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के लिए अत्यंत अपमानजनक और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल किया. मौलाना ने दावा किया कि यूपी में कानून व्यवस्था ऐसी है कि वहां मुख्यमंत्री की माता का मांस भी मिलने पर पुलिस सीधे एनकाउंटर कर देती है. इस अमानवीय और घृणित तुलना ने समूचे प्रदेश के हिंदू समाज में रोष की अग्नि सुलगा दी है.
मौलाना के खिलाफ लखनऊ में भारी विरोध प्रदर्शन
इस अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाजारों और चौराहों पर भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया. मुख्यमंत्री के समर्थक और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज में मौलाना का पुतला फूंका और उसके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. युवाओं के एक समूह ने मौलाना की सांकेतिक अर्थी निकालकर अपना गुस्सा जाहिर किया और उसके पोस्टर फाड़ दिए. प्रदर्शनकारियों ने शासन से मांग की है कि ऐसे भड़काऊ तत्व के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी धाराएं लगाकर उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाए.
अपर्णा यादव ने जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव ने भी इस गंभीर मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मौलाना को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम सहित दुनिया के हर धर्म में मां का स्थान सर्वोच्च और पूजनीय माना गया है. अपर्णा का कहना है कि मौलाना ने शायद अपने ही धर्म के मूल्यों को सही ढंग से नहीं समझा है. उन्होंने मौलाना को तत्काल माफी मांगने की सलाह देते हुए कहा कि महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वालों को समाज कभी माफ नहीं करेगा और यह बर्दाश्त नहीं होगा.
समाज में नफरत फैलाने का उद्देश्य
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के विवादित बयान समाज में नफरत फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के उद्देश्य से दिए जाते हैं. रवि किशन ने आशंका जताई कि ऐसी टिप्पणियां हमारे सामाजिक ताने-बाने को अपूरणीय क्षति पहुँचा सकती हैं. उन्होंने जनता से महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाने की अपील की है. भारत की सनातन परंपरा हमेशा से ही नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञ रही है. इसलिए सार्वजनिक संवाद में शालीनता और मर्यादा का होना अनिवार्य है ताकि आपसी भाईचारा बना रहे.


