उत्तर प्रदेश : लखनऊ की सड़कों पर एक बार फिर गैंगवार की खौफनाक घटना सामने आई है. मुख्तार अंसारी के करीबी शार्प शूटर रहे शुएब महमूद किदवाई उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. लखनऊ से कचहरी लौटते समय असेनी ओवर ब्रिज के पास बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और बेरहमी से गोलियां बरसाईं. मौके पर ही बॉबी की मौत हो गई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के जिलों में छापेमारी तेज कर दी है.
आपको बता दें कि शुक्रवार दोपहर बॉबी अपनी बलेनो कार से अकेले कचहरी से घर लौट रहे थे. असेनी ओवर ब्रिज से सर्विस लेन पर पहुंचते ही एक पल्सर बाइक और एक कार सवार करीब छह शूटरों ने उन्हें घेर लिया. बाइक वाले ने आगे से रास्ता रोका और जैसे ही कार धीमी हुई ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. कुल 10 राउंड गोलियां चलीं. चेहरे, सीने, हाथ के अंगूठे और पैर में गोलियां लगीं.
चेहरे पर लगी गोली गर्दन के पीछे से निकल गई. सीने में लगी गोली भी जानलेवा साबित हुई. फायरिंग इतनी तेज थी कि आसपास दहशत फैल गई. शूटर हेलमेट पहने थे और प्रतिबंधित बोर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया. घटना के बाद बॉबी को अस्पताल ले जाया गया लेकिन मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी.
घटना की सूचना मिलते ही एसपी अर्पित विजयवर्गीय और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे. अस्पताल की मोर्चरी में सैकड़ों वकील जमा हो गए. शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने को लेकर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई. परिवारजन भी गमगीन नजर आए. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है.
शुएब किदवाई उर्फ बॉबी कोतवाली नगर के सिविल लाइन निवासी थे और वर्तमान में महानगर एक्सटेंशन सेक्टर-सी में रहते थे. वह कई साल से वकालत से जुड़े थे और रोज कचहरी आते थे. उनके खिलाफ दो हत्या, गैंगस्टर एक्ट सहित छह मुकदमे दर्ज हैं. बसपा सरकार में वह बंकी ब्लॉक से ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके थे.
एडीजी प्रवीण कुमार ने कहा कि हत्या के पीछे का मकसद और शूटरों की पहचान जल्द की जाएगी. बाराबंकी समेत आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस का मानना है कि यह पुरानी रंजिश या गैंगवार का नतीजा हो सकता है. First Updated : Friday, 13 February 2026