अंतिम संस्कार के बाद चल रहा था शुद्धि कार्यक्रम, तभी घर पहुंच गया ‘मृत’ युवक, पुलिस भी रह गई हैरान

औरैया में एक परिवार ने अज्ञात शव की पहचान अपने लापता भाई के रूप में कर अंतिम संस्कार कर दिया. शुद्धि संस्कार के दौरान वही युवक अचानक जिंदा घर लौट आया, जिसके बाद पुलिस अब शव की असली पहचान में जुटी है.

Shraddha Mishra

उत्तर प्रदेश: औरैया के अटसू क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर गांव वालों तक सभी को हैरान कर दिया. एक परिवार जिस युवक को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर चुका था, वही युवक कुछ दिनों बाद अचानक जिंदा अपने घर पहुंच गया. उसे सामने देखकर परिवार और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किसका था?

मामला क्षेत्र के भीखेपुर गांव के पास का है. 18 जुलाई, शनिवार को हाईवे किनारे एक पुराने और जर्जर होटल को गिराए जाने के बाद वहां पड़े मलबे के पास कुछ लोग बकरियां चरा रहे थे. इसी दौरान उन्हें तेज बदबू महसूस हुई. जब लोगों ने आसपास देखा तो मलबे के पास एक युवक का शव पड़ा मिला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.

जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने की कोशिश शुरू की. शव काफी पुराना लग रहा था. उससे बदबू आ रही थी और शरीर पर कीड़े भी रेंग रहे थे. युवक ने मेहरून रंग की शर्ट और नीले रंग का लोअर पहन रखा था. उसके गले में तौलिया और कलाई पर ब्रेसलेट भी था. शव का मुंह आधा कुचला हुआ था. इस वजह से पुलिस ने हत्या की आशंका जताई थी. शव की पहचान नहीं हो पाने पर उसे पोस्टमार्टम हाउस में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखवाया गया था.

भाई ने शव की पहचान कमल के रूप में की

इसी बीच अटसू क्षेत्र के सैदपुर गांव निवासी दशरथ सिंह पुलिस के पास पहुंचे. उन्होंने बताया कि उनके भाई कमल सिंह से 25 जून के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. उसका मोबाइल भी बंद था. इसी आधार पर उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस में रखे शव की पहचान अपने भाई कमल सिंह के रूप में कर दी. पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव दशरथ को सौंप दिया. इसके बाद परिवार ने शव को कमल का मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. परिवार और गांव वालों को पूरी तरह विश्वास था कि कमल की मौत हो चुकी है.

शुद्धि संस्कार के दौरान अचानक जिंदा पहुंचा कमल

अंतिम संस्कार के कुछ दिन बाद शनिवार शाम परिवार में शुद्धि संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था. इसी दौरान कमल अचानक अपने घर पहुंच गया. सामने कमल को जिंदा देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए. परिवार के लोग भी कुछ समय तक समझ ही नहीं पाए कि आखिर यह सब कैसे हुआ. जिस व्यक्ति को मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वही अपने सामने खड़ा था. खुद का अंतिम संस्कार और शुद्धि संस्कार होते देख कमल भी हैरान रह गया. इस घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था.

पुलिस ने कमल को पूछताछ के लिए बुलाया

कमल के जिंदा होने की जानकारी मिलते ही पुलिस भी गांव पहुंच गई. पुलिस ने कमल से पूछताछ की और उसे कोतवाली ले गई. इस बीच कमल की ससुराल से भी कई लोग मौके पर पहुंच गए. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस अज्ञात शव की पहचान करना है, जिसका पोस्टमार्टम हुआ और बाद में कमल समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है.

पुलिस ने शुरू की गहन जांच

अजीतमल के क्षेत्राधिकारी मनोज गंगवार ने बताया कि कमल सिंह के जीवित मिलने के बाद मामले की फिर से गहन जांच शुरू कर दी गई है. कमल से पूछताछ की जा रही है और उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान कराने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृत युवक कौन था और उसकी पहचान कमल के रूप में कैसे हुई. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे मामले ने परिवार की पहचान प्रक्रिया और पुलिस जांच को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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