भारतीय महिला ने बताई जर्मनी की हेल्थकेयर की हकीकत, कहा 'एक हफ्ते इंतजार करना पड़ा'
जर्मनी को दुनिया के सबसे अच्छे हेल्थकेयर सिस्टम में गिना जाता है। लेकिन इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस धारणा को झटका दे दिया है।

नई दिल्ली: जर्मनी को दुनिया के सबसे अच्छे हेल्थकेयर सिस्टम में गिना जाता है। लेकिन इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस धारणा को झटका दे दिया है। भारतीय मूल की सिमरन कौल अरोरा ने अपने अनुभव में बताया कि यहां डॉक्टर से मिलना इतना आसान नहीं है।
पति को इंफेक्शन, अपॉइंटमेंट के लिए 7 दिन का इंतजार
आपको बताते चलें कि @simran.with.shivam नाम के अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो का टाइटल है "जर्मनी में डॉक्टर की ज़रूरत पड़ने पर क्या हुआ"। सिमरन ने बताया कि जब उनके पति शिवम की आंखों में इंफेक्शन हुआ तो उन्होंने सोचा तुरंत चेकअप हो जाएगा। लेकिन हकीकत अलग निकली।
सिमरन ने कहा, "पहले हम इमरजेंसी रूम गए। वहां से हमें दूसरे सेंटर भेज दिया गया जो हमारे घर से 1 घंटे दूर था। फिर डॉक्टर का अपॉइंटमेंट मिला 1 हफ्ते बाद।" उन्होंने कहा कि जर्मनी आने से पहले उन्हें लगता था यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बहुत कुशल होंगी। लेकिन अनुभव उम्मीदों से बिल्कुल अलग रहा।
टैक्स और इंश्योरेंस के बाद भी मिली निराशा
सिमरन का कहना है कि हाई इंश्योरेंस प्रीमियम और भारी टैक्स देने के बाद भी सिस्टम जटिल है। उन्होंने वीडियो में कहा, "जब आखिरकार अपॉइंटमेंट मिला तब भी घंटों इंतजार करना पड़ा। सबसे निराशाजनक बात यह है कि इतना पैसा देने के बाद भी डॉक्टर तक पहुंचना मुश्किल है। अपॉइंटमेंट मिल जाए तो भी लंबी लाइन लगती है। यह जर्मनी को लेकर मेरी सोच से बिल्कुल उल्टा है।"
यूजर्स ने भारत से की तुलना
वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में लोगों ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की तारीफ शुरू कर दी। एक यूजर ने लिखा, "ऐसे ही पलों में भारत की याद आती है।" दूसरे ने कहा, "यह उन भारतीयों के लिए आंख खोलने वाला है जो यहां डॉक्टरों को गाली देते हैं और मारते हैं।"
तीसरे यूजर ने अपना अनुभव साझा किया, "मैं पटना के सरकारी अस्पताल गया। रजिस्ट्रेशन सिर्फ 5 रुपये, 15 मिनट में डॉक्टर से मुलाकात और मुफ्त दवाइयां भी मिलीं। क्लिनिक में 4 डॉक्टर थे। बहुत तेज़ था।"
चौथे कमेंट में लिखा गया, "भारत में दुनिया की सबसे सुलभ हेल्थकेयर है। यहां उसी दिन डॉक्टर मिल जाते हैं। दुख की बात है कि हमारे डॉक्टर मेहनत के बाद भी बदसलूकी झेलते हैं।"
पहले भी हो चुकी है तुलना
यह पहली बार नहीं है जब विदेशों में भारत की स्वास्थ्य सेवा की चर्चा हुई है। इससे पहले एक यूरोपीय महिला ने भी भारत में आसानी से और कम खर्च में इलाज मिलने की तारीफ की थी। सिमरन का वीडियो अब इस बहस को फिर हवा दे रहा है कि "विकसित" का मतलब सिर्फ महंगी और हाईटेक व्यवस्था नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए सुलभता भी है।


