प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, पहले ही दिन अधिकारियों के साथ की अहम बैठक
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालते ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग के कामकाज की समीक्षा की. उनसे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों का भरोसा मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है.

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है. बता दें, कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग के कामकाज की समीक्षा की है. वहीं जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उनके पास अन्य मंत्रालयों का कार्यभार भी रहेगा.
परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद
प्रल्हाद जोशी को ऐसे समय में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जब देश में परीक्षा प्रणाली, शिक्षा नीतियों और छात्रों के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा जारी है. ऐसे में उनसे शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की उम्मीद की जा रही है. माना जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, छात्रों का विश्वास मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में लंबित चुनौतियों का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा.
Today, I assumed charge as the Union Minister for Education.
I am grateful to Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji for placing his faith in me and entrusting me with this responsibility. I accept it with humility and a deep sense of duty.
ಇಂದು ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರದ ಕೇಂದ್ರ ಶಿಕ್ಷಣ… pic.twitter.com/Ge2ulvf3L8— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) July 26, 2026
राष्ट्रपति द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. पदभार संभालते ही उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से विभाग की वर्तमान स्थिति और आगे की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की है.
कौन है प्रल्हाद जोशी
प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं. उनका राजनीतिक सफर कर्नाटक के धारवाड़ जिले से शुरू हुआ और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहने के कारण संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. उन्होंने साल 2004 में वह पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. इसके बाद उन्होंने लगातार पांच लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की और पिछले दो दशकों से अधिक समय से संसद का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
भाजपा के रह चुके प्रदेश अध्यक्ष
अपने राजनीतिक जीवन में जोशी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वह कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा विभिन्न संसदीय समितियों का नेतृत्व करने के साथ-साथ संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्रालय का कार्यभार भी संभाल चुके हैं. वर्तमान सरकार में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी है.
अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रल्हाद जोशी देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वह शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों से किस तरह निपटते हैं और व्यवस्था में किस प्रकार के सुधार लेकर आते हैं.


