नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आतंकी गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एटीएस को बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े एक ऑनलाइन नेटवर्क में कथित संलिप्तता के आरोप में 19 वर्षीय दंत चिकित्सा के छात्र को गिरफ्तार किया गया है.
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए इस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था.
उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) के अनुसार, सहारनपुर जिले के रहने वाले हरीश अली को रविवार को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई भारत में सक्रिय ISIS से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की जांच के दौरान की गई.
अधिकारियों के मुताबिक, बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ सेशन और डिस्कोर्ड जैसे एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के माध्यम से ISIS के संचालकों और समर्थकों से संपर्क में था.
ATS की जांच में सामने आया है कि उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में कुछ लोग शरिया-आधारित खिलाफत प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से ISIS की विचारधारा का प्रचार कर रहे थे. इसके लिए ऑनलाइन समूह बनाए गए थे, जिनके जरिए लोगों को जोड़ने और भर्ती करने का प्रयास किया जा रहा था.
इन समूहों का इस्तेमाल प्रचार सामग्री, चरमपंथी साहित्य और ISIS की गतिविधियों से जुड़े निर्देश साझा करने के लिए किया जाता था.
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने छद्म नामों और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करते हुए कई ऑनलाइन समूह बनाए थे. इन समूहों का उद्देश्य समान विचारधारा वाले लोगों को जोड़ना और संगठन का प्रचार करना बताया जा रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी "अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन" नाम से एक अलग समूह भी संचालित कर रहा था. इसके जरिए वह भारत और विदेशों में मौजूद ISIS नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में था.
प्राप्त सूचनाओं के आधार पर, लखनऊ स्थित ATS पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले की आगे की जांच जारी है. First Updated : Tuesday, 17 March 2026