बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्थित ओलिना गांव में हनुमान मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं. मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है.
दर्ज एफआईआर के मुताबिक, ओलिना गांव निवासी राजकुमार के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था. निर्माण कार्य में पड़ोसी गांव जहरा के कुछ राजमिस्त्री और मजदूर काम कर रहे थे.
बताया गया है कि दोपहर के समय जब कुछ मजदूर भोजन के लिए चले गए, तब राजमिस्त्री असर मोहम्मद निर्माणाधीन मकान के सामने स्थित हनुमान मंदिर परिसर में पहुंच गए. इसी दौरान हल्की बारिश शुरू हो गई.
पुलिस के अनुसार, बूंदाबांदी के चलते असर मोहम्मद ने राजकुमार के कहने पर मंदिर परिसर में नमाज अदा की. इस दौरान उनका साथी नजर मोहम्मद भी वहां मौजूद था.
घटना के समय किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई और कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई.
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. औरंगाबाद थाना पुलिस ने असर मोहम्मद को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
इसके बाद पुलिस ने असर मोहम्मद, नजर मोहम्मद और राजकुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली. पुलिस ने असर मोहम्मद का चालान भी कर दिया है.
मामले को लेकर थाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने बताया, "मामला 31 तारीख का है और प्रकरण में मौके पर पहुंच कर देखा गया तो पता चला कि जो संबंधित मजदूर थे और वहां पर कार्य कर रहे थे उन्होंने नमाज पढ़ ली थी जिससे दूसरे समुदाय के लोगों में गुस्सा भर गया. मामले में पुलिस ने घटना का संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज की. मौके पर शांति बनी हुई है और घटना में विधिक कार्यवाही की जा रही है."
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है. First Updated : Thursday, 04 June 2026