देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश ने यात्रा मुश्किल कर दी है। भूस्खलन, नदियों का उफान और सड़कें बंद होने से पर्यटकों के साथ चार धाम यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। अगर आप वीकेंड पर पहाड़ों पर जाने का प्लान कर रहे हैं, तो मौसम और ट्रैफिक की लेटेस्ट जानकारी जरूर चेक कर लें।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मानसून एक्टिव है। पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में रातभर बारिश हुई। अगले तीन दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। सरकार ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं और खतरे वाले इलाकों में लोगों को SMS से अलर्ट भेजे जा रहे हैं।
भूस्खलन और मलबा गिरने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे जगह-जगह बंद है। चमोली के गुलाबकोटी के पास सड़क बंद है और JCB से मलबा हटाया जा रहा है। रुद्रप्रयाग में धारी देवी के पास सिरोबगड़ में भी ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया, जिससे कई यात्री फंस गए।
सोनप्रयाग-मुनकटिया रोड भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद बंद कर दी गई। बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन तो जारी हैं, लेकिन अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन के डर से यात्रियों की संख्या कम हो गई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग रोक दी गई है। कुछ ऑपरेटर फिर भी नदी में जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता है। खराब मौसम की वजह से केदारनाथ के लिए सभी आठ हेलीकॉप्टर सेवाएं 5 जुलाई तक बंद हैं। मौसम नहीं सुधरा तो रोक आगे भी बढ़ सकती है।
ऑरेंज अलर्ट के बाद बागेश्वर प्रशासन ने 2 जुलाई को क्लास 1 से 12 तक और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी कर दी। जिले में भूस्खलन से 14 ग्रामीण सड़कें बंद हैं और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया है। कई इलाकों में बिजली भी गुल है। JCB से रास्ते खोलने का काम चल रहा है।
लगातार बारिश से टिहरी में नदियां और बरसाती नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। स्टेट हाईवे 77 पर गुज़राडा के पास मलबा गिरने से नरेंद्रनगर-रानीपोखरी रोड बंद हो गई। नागून बैंड के पास नेशनल हाईवे 34 भी भूस्खलन से बाधित हुआ। पुलिस ने लोगों से पहाड़ी रास्तों पर गैरजरूरी यात्रा न करने और इमरजेंसी में 112 पर कॉल करने को कहा है। First Updated : Thursday, 02 July 2026