Vice President Election: भारत के 15वें उपराष्ट्रपति का चुनाव मंगलवार को होने जा रहा है. इस चुनाव को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की ताकत और एकजुटता की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है. एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि विपक्ष की ओर से पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुधर्शन रेड्डी मैदान में हैं.
हालांकि, बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) के चुनाव से दूरी बनाने के ऐलान के बाद मुकाबला कड़ा होता दिख रहा है. बीजेडी के सात और बीआरएस के चार सांसद मतदान से अनुपस्थित रहेंगे. इस स्थिति में जीत का अंतर अपेक्षाकृत कम हो सकता है.
एनडीए और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पास कुल 429 सांसदों का समर्थन है, जबकि विपक्षी दलों के 324 सांसद बी. सुधर्शन रेड्डी के पक्ष में खड़े हैं. उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के 781 सदस्य वोट डालेंगे. जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 386 वोट हासिल करने होंगे.
राज्यसभा सचिवालय ने जानकारी दी कि मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नई संसद भवन के वसुंधा हॉल में होगा. इससे पहले तक ऐसे चुनाव पुराने संसद भवन, जिसे अब संविधान सदन नाम दिया गया है, में आयोजित होते रहे हैं. मतदान के तुरंत बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.
दोनों खेमों ने अपने-अपने सांसदों की अधिकतम मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और सौगत राय को कोलकाता से दिल्ली बुलाया है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 सांसदों ने बाढ़ की स्थिति का हवाला देकर विपक्षी अभ्यास सत्र से दूरी बनाई. हालांकि, कांग्रेस ने भरोसा दिलाया है कि उसके सभी सांसद मतदान में शामिल होंगे.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग से भी इनकार नहीं किया जा सकता. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मंगलवार को मतदान करेंगे. चुनावी प्रक्रिया में राज्यसभा के नामित सदस्य भी शामिल होंगे और उन्हें मतदान का अधिकार है.
यह चुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है. धनखड़ ने 21 जुलाई को विपक्ष द्वारा पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए गए महाभियोग नोटिस को स्वीकार किया था, जिससे सरकार नाराज हो गई थी. इसके कुछ घंटे बाद ही उन्होंने अपना पद छोड़ दिया. सोमवार को संसद परिसर के मतदान क्षेत्रों को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया. मतदान स्थल में केवल सांसदों, अधिकारियों और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ही प्रवेश मिलेगा. First Updated : Tuesday, 09 September 2025