भारत की बढ़ी टेंशन, ईरान ने फिर बंद किया 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', क्या देश में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल?

अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में नाजुक शांति समझौता टूटने के बाद एक बार फिर युद्ध की स्थिति बन रही है. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है.

बढ़ सकती है भारत में तेल संकट

ईरान के इस फैसले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है और भारत में तेल संकट की आशंका बढ़ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की शीर्ष सैन्य कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं.

तेहरान की चेतावनी

ईरानी मीडिया के अनुसार, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस जलमार्ग को तेल टैंकरों समेत सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. तेहरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे सैन्य लक्ष्य मानकर उस पर हमला किया जाएगा.

इस बीच, खबर है कि इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड कोर ने इस मार्ग पर दो जहाजों को निशाना बनाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा. आंकड़ों के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर है.

  • कच्चा तेल: भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल इसी रास्ते से आयात करता है.
  • एलएनजी: भारत आने वाली 50% से अधिक एलएनजी पश्चिम एशिया से इसी जलमार्ग के जरिए पहुंचती है.
  • एलपीजी: देश की लगभग 90% एलपीजी आपूर्ति इसी रूट पर निर्भर है.

अमेरिकी हमले और ईरान की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान के तटीय इलाकों पर हमले किए. अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा उनके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के जवाब में की गई थी.

ईरान के बंदर अब्बास

इस अमेरिकी हमले के दौरान, ईरान के बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, सिरिक और मीनाब जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि उनका देश किसी भी अमेरिकी धमकी के आगे नहीं झुकेगा.

भारत सरकार का क्या कहना है?

भारत सरकार ने अभी तक इस संकट पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अगर यह नाकेबंदी लंबी चलती है, तो देश में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी और आपूर्ति का गंभीर संकट हो सकता है.

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