डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस वक्फ संशोधन अधिनियम का विरोध करके 'वोटबैंक के वायरस' से ग्रस्त हो गई है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने संविधान को अपने फायदे के लिए हथियार बनाकर तथा इसे 'तुष्टीकरण' के उपकरण में बदलकर सामाजिक न्याय के लिए बी.आर. अंबेडकर के संविधान के दृष्टिकोण के साथ विश्वासघात किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हमारे पवित्र संविधान को सत्ता हासिल करने के हथियार में बदल दिया. जब भी कांग्रेस को सत्ता पर अपनी पकड़ के लिए खतरा महसूस हुआ, उसने संविधान को रौंद दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि एक कदम आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस ने अंबेडकर के "समानता" के दृष्टिकोण को नजरअंदाज कर दिया और इसके बजाय 'वोट बैंक की राजनीति का वायरस' फैलाया. पीएम मोदी ने कहा, "कांग्रेस ने केवल कट्टरपंथियों को खुश किया. इसका सबसे बड़ा सबूत वक्फ कानून है. गरीब मुसलमानों को कभी फायदा नहीं हुआ. वक्फ के नाम पर लाखों हेक्टेयर जमीन अलग रखी गई. इसका फायदा भू-माफिया को हुआ. नए कानून से अब यह लूट बंद हो जाएगी." उन्होंने कहा कि संशोधित वक्फ कानून के तहत वक्फ बोर्ड किसी भी आदिवासी की जमीन पर दावा नहीं कर सकता.
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर अंबेडकर के विजन को धोखा देने और अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और ओबीसी को "द्वितीय श्रेणी के नागरिक" के रूप में मानने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "डॉ अंबेडकर ने गरीबों और पिछड़ों के लिए सम्मान का सपना देखा था. लेकिन कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति का वायरस फैलाया और उनके विजन को अवरुद्ध कर दिया." उन्होंने दावा किया, "उन्होंने अंबेडकर को उनके जीवित रहते भी अपमानित किया, उन्हें चुनाव हारने दिया और उनकी विरासत को मिटाने की कोशिश की."
समान नागरिक संहिता पर (UCC) प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान को 'सत्ता के लिए एक उपकरण' बना दिया है और संवैधानिक भावना के बावजूद समान नागरिक कानून को लागू करने का विरोध किया है. उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में अब धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता लागू हो गई है. कांग्रेस अभी भी इसका विरोध कर रही है."
प्रधानमंत्री के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए अंबेडकर के आदर्शों पर अपनी पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड का बचाव किया और भाजपा पर ऐतिहासिक पाखंड का आरोप लगाया. खड़गे ने कहा, "ये लोग तब भी बाबा साहब के दुश्मन थे और आज भी हैं." "जब बाबा साहब ने बौद्ध धर्म अपनाया, तो उन्होंने कहा कि वे अछूत हो गए हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि बुद्ध को अछूत बना दिया गया है. हिंदू महासभा ने ही उनका विरोध किया था."
खड़गे ने महिला कानून में आरक्षण के माध्यम से सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस के प्रयासों को भी याद किया. उन्होंने कहा, "जब दो साल पहले महिला आरक्षण विधेयक पारित किया गया था, तो कांग्रेस ने ही तत्काल कार्यान्वयन और एससी, एसटी और ओबीसी कोटा शामिल करने की मांग की थी. हमने इसके लिए लगातार लड़ाई लड़ी है."
First Updated : Monday, 14 April 2025