मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है. इस फैसले का सीधा असर देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है. सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए दो बुकिंग के बीच का अंतराल बढ़ा दिया है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार अब एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच पहले से ज्यादा समय का अंतर रखना होगा. पहले उपभोक्ता 21 दिन बाद अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. यानी अब किसी भी ग्राहक को अगली बुकिंग करने से पहले करीब 24 दिन का इंतजार करना होगा. सरकार का कहना है कि यह कदम गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है.
दरअसल, इससे पहले सरकार ने हाल ही में बुकिंग अंतराल को 15 दिन से बढ़ाकर 21 दिन किया था. लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई से जुड़ी आशंकाओं को देखते हुए इसे और बढ़ाने का फैसला लिया गया है. हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में फिलहाल घरेलू गैस, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है.
इसी बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. दो दिन पहले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा किया गया, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 114.5 रुपये महंगा हो गया है. नए दाम लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का बिना सब्सिडी वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 913 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी.
देश के अन्य बड़े शहरों में भी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 912.50 रुपये हो गई है. वहीं कोलकाता में यह 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये में उपलब्ध है. होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है. इस श्रेणी के सिलेंडर की कीमत 114.5 रुपये बढ़ने के बाद दिल्ली में यह अब 1,883 रुपये का हो गया है. गौरतलब है कि इससे पहले भी 1 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 28 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में यह दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले पिछले साल अप्रैल में भी कीमतों में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी. सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और आपूर्ति तंत्र को देखते हुए समय-समय पर ऐसे फैसले लिए जाते हैं. First Updated : Monday, 09 March 2026