Wakf Amendment Bill: संसद का आज का सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है क्योंकि वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है. विपक्ष इस विधेयक पर तीखी बहस की तैयारी में है, जिससे संसद में जबरदस्त गहमागहमी रहने की संभावना है.
यह विधेयक वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने के उद्देश्य से लाया गया है, ताकि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और विनियमन में सुधार किया जा सके. इसके जरिए वक्फ संपत्तियों से जुड़े प्रशासनिक बदलाव और तकनीकी सुधार किए जाने की योजना है.
सत्तारूढ़ एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और विपक्षी इंडिया ब्लॉक इस विधेयक पर आम राय बनाने में असफल रहे हैं. ऐसे में विधेयक का अंतिम फैसला बहुमत के आधार पर होगा. दोनों पक्षों ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं.
भाजपा और कांग्रेस के अलावा उनके सहयोगी दलों ने भी अपने सभी सांसदों को 2 और 3 अप्रैल को संसद में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव ने अपने सांसदों के लिए 3-लाइन व्हिप जारी किया है, ताकि वे इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में सक्रिय भागीदारी कर सकें.
इंडिया ब्लॉक के नेता इस विधेयक को लेकर मंगलवार को संसद में विशेष बैठक कर चुके हैं, जिसमें इसकी रणनीति पर चर्चा हुई. विपक्षी दल इसे लेकर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं और वे वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.
वक्फ संशोधन विधेयक 2023 को सबसे पहले अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया था, जिसके बाद इसे विस्तार से अध्ययन करने के लिए जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में एक संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था.
इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम, 1995 में सुधार करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में होने वाली अनियमितताओं को दूर किया जा सके. इसके तहत वक्फ बोर्डों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नामकरण संशोधन, वक्फ की परिभाषाओं का अद्यतन, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटल प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं.
1995 में लागू हुए वक्फ अधिनियम पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. इसे कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के कारण आलोचना झेलनी पड़ी है. नया संशोधन विधेयक इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेगा और वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रशासन को सुनिश्चित करेगा. First Updated : Wednesday, 02 April 2025