Waqf Law Chaos in Bengal: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर बवाल मच गया है. ये कानून जैसे ही सामने आया, मुस्लिम बहुल इलाकों में इसका विरोध तेज़ हो गया. देखते ही देखते विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और हालात इतने बिगड़े कि तीन लोगों की जान चली गई. इनमें एक पिता और उसका बेटा भी शामिल है. अब केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है और उसने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार को हर संभव मदद दी जाएगी.
पिछले कुछ दिनों से मुर्शिदाबाद के अलग-अलग हिस्सों में वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर प्रदर्शन चल रहे थे. शुक्रवार को यह प्रदर्शन उग्र हो गए और सुती व समसेरगंज जैसे इलाकों में भारी हिंसा भड़क उठी. इस दौरान पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 15 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, और कुछ जगहों पर पुलिस पर पथराव भी हुआ.
हिंसा के बढ़ते दायरे को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने खुद मोर्चा संभाला. उन्होंने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की. इस मीटिंग में उन्होंने राज्य सरकार को हालात सामान्य करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
गृह सचिव ने साफ किया कि केंद्र सरकार हालात पर करीबी नजर रख रही है और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षा बल भेजने को भी तैयार है.
राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) ने बताया कि अभी तक 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा सीमावर्ती जिले होने के चलते BSF (सीमा सुरक्षा बल) से भी मदद ली जा रही है. स्थानीय स्तर पर मौजूद लगभग 300 BSF जवानों को मुर्शिदाबाद में तैनात किया गया है. साथ ही, अतिरिक्त पाँच कंपनियां भी भेजी गई हैं ताकि हालात पर काबू पाया जा सके.
गृह सचिव ने राज्य प्रशासन को सिर्फ मुर्शिदाबाद ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों पर भी सतर्क रहने को कहा है. उन्होंने सलाह दी कि कहीं और भी ऐसे प्रदर्शन न भड़कें, इसके लिए पहले से ही मजबूत इंतज़ाम किए जाएं.
इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) तैनात करने का आदेश दिया है, ताकि प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था बनी रहे.
वक्फ अधिनियम में किए गए बदलावों को लेकर मुस्लिम समाज के एक बड़े तबके में नाराज़गी है. विरोध करने वालों का कहना है कि ये कानून उनके धार्मिक और सामाजिक अधिकारों में दखल देता है. हालांकि, सरकार का कहना है कि ये संशोधन पारदर्शिता और वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए किए गए हैं. राज्य पुलिस का कहना है कि हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है. प्रशासन ने सभी संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और किसी भी अफवाह को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद की जा सकती हैं. First Updated : Sunday, 13 April 2025