अप्रैल में मौसम का अजीब खेल: ठंड भी, लू भी... आखिर क्यों बदल रहा मिजाज?

पूरे देश में मौसम ने अचानक करवट ली है. कई राज्यों में भयंकर तूफान और भारी बारिश का खतरा है, वहीं मैदानी इलाकों में गर्मी ने जीना मुश्किल कर दिया है. IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अभी कई वेदर सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को एक साथ दो तरह के हालातों का सामना करना पड़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि इस समय कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है.

एक तरफ जहां कई राज्यों में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी के चलते लू की स्थिति बनती जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.

इन राज्यों में तूफान और बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका है. मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.

यूपी, बिहार और एमपी में बढ़ेगी गर्मी की मार

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. उत्तर प्रदेश और बिहार में आसमान साफ होते ही तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.

लखनऊ, कानपुर, पटना और गया जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है. आने वाले 3 से 4 दिनों में इन राज्यों में लू चलने की प्रबल संभावना है.

इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 14 से 17 अप्रैल के बीच भीषण गर्मी को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है.

दिल्ली-NCR और राजस्थान का हाल

दिल्ली में इस समय तेज धूप और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है. यहां अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.

वहीं राजस्थान में एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण जयपुर और बीकानेर जैसे क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है. इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और जल्द ही यहां भी लू का असर बढ़ेगा.

पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है. असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है.

यहां 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो हालात को और बिगाड़ सकती हैं. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो