कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से आज से नया और सख्त कानून लागू हो गया है. इस कानून के लागू होने के बाद पुलिस को पहले की तुलना में अधिक अधिकार मिलेंगे. सरकार का कहना है कि इससे संगठित अपराध, गुंडागर्दी और दंगों जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा. वहीं विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस कानून को लेकर सवाल भी उठाए हैं.
इस कानून का आधिकारिक नाम पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026 है. आम भाषा में इसे एंटी क्राइम लॉ या गुंडा दमन कानून कहा जा रहा है. सरकार का दावा है कि यह कानून राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है.
नए कानून के तहत पुलिस को किसी संदिग्ध व्यक्ति को बिना चार्जशीट दाखिल किए या मुकदमा शुरू किए अधिकतम 365 दिनों तक हिरासत में रखने का अधिकार दिया गया है. इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति की संपत्ति अपराध से अर्जित मानी जाती है तो उसे जब्त किया जा सकेगा.
यदि दंगों या हिंसा के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसकी भरपाई के लिए दोषियों की संपत्ति कुर्क करने या उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
इस कानून के तहत पुलिस आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों को किसी विशेष क्षेत्र या जिले से बाहर जाने का आदेश भी दे सकेगी. इतना ही नहीं, यदि किसी संभावित अपराध या दंगे की आशंका हो तो पुलिस घटना होने से पहले ही संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में ले सकती है.
यह विधेयक 29 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किया गया था. इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने पर इसे अब राज्य में लागू कर दिया गया है.
सरकार का कहना है कि इस कानून से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जनता की सुरक्षा मजबूत होगी. वहीं भाजपा नेताओं का दावा है कि इससे गुंडागर्दी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी तथा अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर जनता के हित में इस्तेमाल किया जाएगा. First Updated : Monday, 13 July 2026