बंगाल: बारुईपुर में नाबालिग के रेप-मर्डर केस में बड़ा ऐक्शन, मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. जानकारी के अनुसार आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस का दावा है कि घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराते समय आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चलाकर भागने की कोशिश की. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब 12:45 बजे बारुईपुर थाने की टीम आरोपी प्रभाष मंडल को सूर्यपुर इलाके में लेकर गई थी. वहां उस जगह का पुनर्निर्माण कराया जाना था, जहां से बच्ची का शव बरामद हुआ था. पुलिस का कहना है कि जैसे ही पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और पुलिस पर गोली चला दी. इसके बाद उसने मौके से भागने की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई.

तालाब से बोरी में मिला था बच्ची का शव

इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था. कुछ दिन पहले 12 वर्षीय बच्ची का शव एक तालाब से बोरी में बंद मिला था. शुरुआती जांच में दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रभाष मंडल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया और कई जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.

भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर कर दी थी हत्या

बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने इंद्रजीत मंडल नाम के एक व्यक्ति पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई. बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि इंद्रजीत मंडल का इस दुष्कर्म और हत्या के मामले से कोई संबंध नहीं था. पुलिस ने इस लिंचिंग मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

72 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश

मामले को लेकर बढ़ते जनआक्रोश के बीच राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक को 72 घंटे के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच या शिकायत दर्ज करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने पूरे मामले की समीक्षा की और जांच की प्रगति की जानकारी ली.

इंद्रजीत मंडल के परिवार को भी मिलेगा न्याय

जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में इंद्रजीत मंडल निर्दोष पाया गया है. इसलिए उसके परिवार को भी न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि भीड़ द्वारा की गई हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा.

हिंसा फैलाने वालों की पहचान

प्रशासन के अनुसार, घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस वाहनों व रेलवे ट्रैक पर हमला करने वाले लगभग 200 लोगों की पहचान कर ली गई है. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द गिरफ्तारी भी की जाएगी. जांच एजेंसियों का दावा है कि हिंसा भड़काने में शामिल लोगों के खिलाफ कॉल रिकॉर्ड समेत कई अहम सबूत जुटाए गए हैं.

परिवार की मांग पर बनेगी पुलिस चौकी

पीड़ित परिवार ने इलाके में स्थायी पुलिस चौकी बनाने की मांग रखी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगली बार बारुईपुर आने पर इस पुलिस चौकी का उद्घाटन किया जाएगा. इसके अलावा पीड़ित परिवार और भीड़ हिंसा में मारे गए इंद्रजीत मंडल के परिवार को आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी मदद देने पर भी विचार किया जा रहा है. प्रशासन ने कहा है कि एक सप्ताह के भीतर दोनों परिवारों से दोबारा मुलाकात कर राहत पैकेज और अन्य सहायता की घोषणा की जाएगी. First Updated : Wednesday, 08 July 2026