नई दिल्ली: गोवा के उस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोग मारे गए, जिसमें दिल्ली के कारोबारी सौरभ और गौरव लूथरा मालिक हैं. हादसे के कुछ ही घंटे बाद दोनों भाई थाईलैंड भाग गए. अब CBI ने इंटरपोल से उनके खिलाफ ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ जारी करवा दिया है. दोनों भाई फुकेट में छिपे हैं.
पुलिस के मुताबिक, आग लगने के ठीक 6 घंटे बाद रविवार सुबह इंडिगो की फ्लाइट से दोनों फुकेट पहुंच गए. सोमवार को उनकी लोकेशन कन्फर्म हो गई. अब CBI का ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर थाई पुलिस से संपर्क में है ताकि उन्हें जल्द पकड़ा जा सके. आइए जानते हैं ‘ब्लू कॉर्नर नोटिस’ क्या होता है.
ब्लू नोटिस आखिर होता क्या है ?
इंटरपोल कुल सात रंग के नोटिस जारी करता है- लाल, नीला, पीला, हरा आदि. ब्लू नोटिस का मतलब है किसी अपराधी की लोकेशन, पहचान और उसकी गतिविधियों की जानकारी दुनिया के सभी 195 सदस्य देशों से मांगी जाती है.
यह गिरफ्तारी का ऑर्डर नहीं है, लेकिन भगोड़े को ट्रैक करने और दूसरे देश न भागने देने में बहुत मदद करता है. रेड नोटिस गिरफ्तारी के लिए होता है, जबकि ब्लू नोटिस जांच के लिए पहले कदम की तरह काम करता है.
CBI ही भारत की नोडल एजेंसी
भारत में सिर्फ CBI ही इंटरपोल से सीधे बात कर सकती है. गोवा पुलिस ने CBI से अनुरोध किया तो उसने तुरंत फ्रांस के ल्योन स्थित इंटरपोल हेडक्वार्टर से ब्लू नोटिस जारी करवाया. बता दें, पिछले कुछ सालों में CBI ने 200 से ज्यादा भगोड़ों का पता लगाया और 136 को वापस ला चुकी है.
अब आगे क्या होगा ?
गोवा कोर्ट से दोनों भाइयों के खिलाफ जल्द गिरफ्तारी वारंट जारी होगा. उसके बाद रेड नोटिस आएगा और थाईलैंड से प्रत्यर्पण या डिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसपर अधिकारीयों ने कहा, “लूथरा भाइयों को जल्द भारत लाया जाएगा.” एक छोटा-सा ब्लू नोटिस अब इन भगोड़े कारोबारियों की विदेशी छुट्टी खत्म करने वाला है. First Updated : Tuesday, 09 December 2025