नई दिल्ली: राज्यसभा के मनोनीत सांसद हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति पद पर निर्विरोध चुने गए हैं. आज शुक्रवार को औपचारिक रूप से उनकी जीत की घोषणा की गई. उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद यह पद खाली हो गया था.
हरिवंश नारायण सिंह एक अनुभवी पत्रकार और राजनेता हैं. वे पहले दो बार भी इस महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं. उनकी तीसरी बार नियुक्ति संसद की परंपराओं और सदन के सुचारू संचालन में उनके योगदान को दर्शाती है.
राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नियमों के अनुसार शुक्रवार को चुनाव की तारीख तय की थी. प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि गुरुवार दोपहर 12 बजे तक थी. सूत्रों के मुताबिक, हरिवंश नारायण सिंह के समर्थन में पांच नोटिस आए, जबकि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया. विपक्ष ने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया. यह बहिष्कार लोकसभा में पिछले कई वर्षों से उपाध्यक्ष पद न भरे जाने के विरोध में किया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश नारायण सिंह के निर्विरोध चुने जाने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार यह पद संभालना सदन के उनके प्रति गहरे विश्वास को दिखाता है. पीएम मोदी ने आगे कहा, “बीते समय में सदन को उनके अनुभव से बहुत लाभ मिला है. वे सदन को साथ लेकर चलने के लिए हमेशा प्रयास करते हैं. उनके नेतृत्व में सदन की कार्यवाही और भी प्रभावशाली हुई है.”
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि हरिवंश जी का नया कार्यकाल संतुलन, समर्पण और बारीकी के साथ सदन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों से राज्यसभा की गरिमा और बढ़ेगी.
हरिवंश नारायण सिंह की पत्रकारिता की पृष्ठभूमि और राजनीतिक समझ उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है. वे सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए जाने जाते हैं.
यह घटनाक्रम संसदीय लोकतंत्र में सहमति और अनुभव की अहमियत को रेखांकित करता है. विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद निर्विरोध चुनाव से सदन की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहेगी. First Updated : Friday, 17 April 2026