अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को नहीं मिली एंट्री, प्रियंका गांधी और महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल

अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी की भारत यात्रा के दौरान जयशंकर से सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई. भारत ने काबुल मिशन को दूतावास का दर्जा दिया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को रोके जाने पर विवाद हुआ. मुत्ताकी ने भारत को मित्र बताया और पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से आतंकी गतिविधियों के लिए निशाना साधा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Amir Khan Muttaqi visit: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इन दिनों सात दिवसीय भारत दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग, अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण, स्वास्थ्य और आपदा राहत पर चर्चा हुई. भारत ने घोषणा की कि काबुल स्थित तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा दिया जाएगा, जिसे मुत्ताकी ने सकारात्मक पहल बताया.

जयशंकर ने अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं मुत्ताकी ने आश्वासन दिया कि उनकी जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होगा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक

इसी दिन अफगानिस्तान दूतावास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे विवाद खड़ा हो गया. रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने खुद पत्रकारों की सूची तैयार की और महिलाओं को बाहर रखा.

इस कदम को भारतीय अधिकारियों द्वारा सुझाई गई समान भागीदारी की सलाह के खिलाफ माना जा रहा है. कुल 20 पत्रकारों को बुलाया गया, जिनमें एक भी महिला नहीं थी. महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर इस भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि उन्होंने बताया कि उन्होंने ड्रेस कोड का पालन किया था.

विपक्ष ने उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर सवाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, कृपया तालिबान के प्रतिनिधि के भारत दौरे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को हटाए जाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें.यदि महिलाओं के अधिकारों के प्रति आपकी मान्यता एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक अपनी सुविधानुसार दिखावा मात्र नहीं है, तो फिर भारत की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान हमारे देश में कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही इसकी रीढ़ और गौरव हैं.

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि तालिबानी मंत्री को महिला पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर रखने की अनुमति देकर सरकार ने हर एक भारतीय महिला का अपमान किया है. रीढ़विहीन पाखंडियों का शर्मनाक समूह.

तालिबान के रुख पर बढ़ते सवाल

यह घटना तब हुई है जब तालिबान सरकार महिलाओं के अधिकारों के हनन को लेकर वैश्विक आलोचना झेल रही है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अफगान महिलाओं को काम, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बिना पुरुष संरक्षक के महिलाओं को यात्रा या चिकित्सा सेवाएं तक नहीं मिल पातीं.

मुत्ताकी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तालिबान सरकार के आने के बाद से देश में हिंसा में भारी गिरावट आई है और अफगानिस्तान अब स्थिर हो रहा है. उन्होंने कहा कि हर देश की अपनी संस्कृति और नियम होते हैं और हमारे देश में वही लागू हैं.

भारत को मित्र बताया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुत्ताकी ने भारत को मित्र देश बताते हुए दोनों देशों के बीच सम्मान और व्यापार आधारित रिश्तों की वकालत की. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को कोई स्थान नहीं दिया गया है.

पाकिस्तान पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हाल ही में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी वहां के तत्वों की है. मुत्ताकी का बयान इस ओर इशारा करता है कि तालिबान भारत के साथ सुरक्षा और राजनीतिक सहयोग को लेकर गंभीर है.

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