'मेरे लिए रायता फैलाकर गई…', व‍िनेश फोगाट को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई के बीच विनेश फोगाट और WFI विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है. कोर्ट में कार्रवाई जारी है, वहीं बृजभूषण शरण सिंह ने पूरे मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बयान दिया है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई के दौरान मंगलवार को एक बार फिर राजनीति और खेल जगत में हलचल तेज हो गई. पूर्व बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष Brij बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चल रहे केस में अदालत ने SIT सदस्य का बयान दर्ज किया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 और 19 मई को होगी, जहां जांच अधिकारी का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा.

इसी बीच कांग्रेस नेता और स्टार पहलवान व‍िनेश फोगाट को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का बयान भी चर्चा में आ गया. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो माहौल बनाया गया, उसका जवाब अब अदालत में दिया जा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी खिलाड़ी को खेलने देना या रोकना मौजूदा WFI का फैसला होता है और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है.

कोर्ट में जारी सुनवाई, बाहर तेज हुई बयानबाजी

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद यह मामला लंबे समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. कई नामी खिलाड़ियों ने आंदोलन किया था और दिल्ली में धरना-प्रदर्शन भी हुए थे. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. अब कोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ नेताओं और खिलाड़ियों के बीच बयानबाजी भी लगातार तेज हो रही है.  बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि WFI खिलाड़ियों के हित के लिए बनाई गई संस्था है और संघ किसी खिलाड़ी को जानबूझकर प्रतियोगिता से नहीं रोकता. उन्होंने कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को रोका गया है, तो उसके पीछे तकनीकी या नियमों से जुड़ी वजह हो सकती है.

क्यों बढ़ा विनेश और WFI के बीच विवाद

दरअसल, व‍िनेश फोगाट की कुश्ती में वापसी उस समय विवादों में आ गई, जब WFI ने उन्हें गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक दिया. यह टूर्नामेंट 10 से 12 मई के बीच आयोजित होना था और इसी के जरिए विनेश की मैट पर वापसी होने वाली थी. लेकिन प्रतियोगिता से पहले ही महासंघ ने उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस भेज दिया. 

इसमें अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन, महासंघ की छवि खराब करने और नियमों का पालन न करने जैसे आरोप लगाए गए. WFI ने यह भी कहा कि विनेश 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पात्र नहीं होंगी. महासंघ का कहना है कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को डोपिंग रोधी नियमों के तहत छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होती है. इसी आधार पर उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई.

साक्षी मलिक ने खुलकर किया समर्थन

ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने इस पूरे विवाद में विनेश फोगाट का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कई देशों में मां बनने के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी को आसान बनाने के लिए नियमों में ढील दी जाती है, लेकिन यहां उनकी राह मुश्किल बनाई जा रही है.

साक्षी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि विनेश जैसी खिलाड़ी देश के लिए पदक जीत चुकी हैं और उन्हें दोबारा मौका मिलना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री और WFI से अपील की कि विनेश का ट्रायल कराया जाए ताकि वह फिर से देश के लिए खेल सकें.

पेरिस ओलंपिक के बाद लिया था संन्यास

गौरतलब है कि व‍िनेश फोगाट ने 2024 पेरिस ओलंपिक के दौरान फाइनल मुकाबले से पहले तय वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था. बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी गईं.

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