छोटे इंजीनियरों का बड़ा कमाल! बच्चों की बनाई कार देख सचिन तेंदुलकर भी हुए हैरान
आजकल सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गांव के कुछ बच्चों द्वारा बनाई गई एक अनोखी 'देसी कार' दिखाई गई है.

नई दिल्ली: भारत के गांवों में छिपी प्रतिभा अक्सर ऐसे तरीकों से सामने आती है जिसे देखकर बड़े-बड़े दिग्गज भी हैरान रह जाते हैं. आजकल सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गांव के कुछ बच्चों द्वारा बनाई गई एक अनोखी 'देसी कार' दिखाई गई है. यह न तो कोई महंगी गाड़ी थी और न ही किसी कॉर्पोरेट शोरूम से निकली हुई बल्कि बच्चों ने अपनी कल्पना और सूझ-बूझ, जिसे आम बोलचाल की भाषा में 'देसी जुगाड़' कहा जाता है. इसका इस्तेमाल करके एक ऐसी शानदार गाड़ी बनाई कि सचिन खुद रुककर उसका वीडियो बनाने लगे. वही वीडियो पूरे इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रहा है.
गांव के बच्चों ने बनाई एक अनोखी 'कार'
यह घटना तब हुई जब सचिन तेंदुलकर एक ग्रामीण इलाके से गुजर रहे थे. उनका ध्यान बच्चों के एक समूह पर गया जिन्हें एक बेहद अनोखी गाड़ी चलाते हुए देखा गया. इस गाड़ी को पूरी तरह से देसी और घरेलू तरीकों का इस्तेमाल करके बनाया गया था. वीडियो में दो पहियों के बीच लकड़ी जैसी एक बनावट दिखाई देती है जिस पर एक बच्चा बैठा है जबकि दूसरा उसे आगे की ओर धकेल रहा है. देखने में यह एक छोटी कार जैसी लग रही थी और बच्चों का जबरदस्त उत्साह देखने लायक था.
Driving through one of the many hidden corners of India, we stopped to check out a ‘car’ that didn’t come from a showroom, but from sheer imagination.
This is the kind of talent that doesn’t wait for perfect conditions, it finds a way to roll anyway. Bas mauka milna chahiye! pic.twitter.com/6QMlnwvyzx— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) May 11, 2026
बच्चों के हाथ से बने इस वाहन में क्या खास बात थी?
यह कामचलाऊ 'कार' लकड़ी के सहारे, रॉड और पहियों जैसी साधारण चीजों का इस्तेमाल करके बनाई गई थी. एक बच्चा इस ढांचे पर बैठा था जबकि बाकी बच्चे इसे आगे की ओर धकेल और खींच रहे थे. वीडियो में सचिन को मुस्कुराते हुए बच्चों से बातचीत करते हुए और उनकी इस नई सोच की तारीफ करते हुए देखा जा सकता है.
इस क्लिप को शेयर करते हुए तेंदुलकर ने लिखा कि यह कार किसी शोरूम से नहीं बल्कि कल्पना से आई है. उन्होंने आगे कहा कि हुनर सही हालात का इंतजार नहीं करता और बस मौका मिलना चाहिए. यह बात ऑनलाइन लोगों के दिलों को छू गई. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बच्चों की तारीफ की जबकि दूसरों ने तेंदुलकर की तारीफ की कि उन्होंने इस पल को नजरअंदाज करने के बजाय जमीनी स्तर के हुनर को पहचाना.
इंटरनेट यूजर्स ने जमकर तारीफ की
कई यूजर्स ने इस नई सोच की तारीफ की जबकि दूसरों ने इस बात की तारीफ की कि सचिन ने इस नई चीज को देखने के लिए समय निकाला. कई लोगों ने यह भी कहा कि यह क्लिप इस बात की याद दिलाती है कि हुनर हर जगह मौजूद होता है यहां तक कि उन जगहों पर भी जहां महंगी टेक्नोलॉजी, कोचिंग या बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच नहीं होती.


