इंडोनेशिया: मंगलवार सुबह इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में भुकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है. अचानक आए भूकंप ने कई इलाकों में लोगों को घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया. हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन झटकों की तीव्रता ने लोगों को एक बार फिर इस क्षेत्र की संवेदनशीलता की याद दिला दी. यह भूकंप सुमात्रा के निकटवर्ती जलक्षेत्र में आया, जो प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" पर स्थित होने के कारण लगातार भूकंपीय गतिविधि के लिए प्रवण क्षेत्र है
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई. इसका केंद्र सुमात्रा द्वीप के सिनाबांग शहर से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था. भूकंप की गहराई और सटीक प्रभाव का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ लगातार निगरानी कर रहे हैं. स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. फिलहाल किसी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है.
क्यों बार-बार कांपती है इंडोनेशिया की धरती?
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित है जिसे “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है. यह इलाका दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है. यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं. सुमात्रा क्षेत्र एक बड़े विवर्तनिक टकराव क्षेत्र पर बसा है.
यह टकराव क्षेत्र पूर्व में पापुआ से लेकर पश्चिम में हिमालयी क्षेत्र तक लगभग 8,000 किलोमीटर तक फैला हुआ है. सुमात्रा-अंडमान हिस्सा सुंडा-जावा खाई के साथ जुड़ा है, जहां इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट और सुंडा प्लेट आपस में टकराती हैं. प्लेटों की यह लगातार हलचल ही इस इलाके में तेज भूकंपों और ज्वालामुखीय गतिविधियों का कारण बनती है.
पहले भी आ चुके हैं तेज झटके
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में इतना शक्तिशाली भूकंप आया हो. नवंबर 2025 में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (बीएमकेजी) ने आचे प्रांत के पास 6.3 तीव्रता के भूकंप की जानकारी दी थी. उस समय भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी और झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए थे. हालांकि अधिकारियों ने तब भी साफ किया था कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है. First Updated : Tuesday, 03 March 2026