नई दिल्लीः रूस और यूक्रेन के बीच पिछले लगभग चार वर्षों से जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं. एक ओर शांति वार्ता और संभावित समझौते को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां चल रही हैं, तो दूसरी ओर युद्ध का तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा. इसी बीच सोमवार को रूस की ओर से एक बेहद गंभीर आरोप लगाया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता बढ़ा दी है.
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास को निशाना बनाकर बड़ा ड्रोन हमला किया. उनके मुताबिक, यह हमला रूस के नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति के निवास पर किया गया, जहां एक साथ 91 ड्रोन भेजे गए. लावरोव ने इसे अब तक के सबसे बड़े और गंभीर हमलों में से एक बताया है.
लावरोव ने जानकारी दी कि यह हमला 28 और 29 दिसंबर की दरमियानी रात को लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए किया गया. उनका कहना है कि यूक्रेनी पक्ष ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया, ताकि रूसी सुरक्षा व्यवस्था को भेदने की कोशिश की जा सके. हालांकि, रूस के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया.
रूस ने दावा किया है कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने पूरी सतर्कता के साथ काम किया और किसी भी ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया. लावरोव ने कहा कि यदि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
रूसी विदेश मंत्री ने इस ड्रोन हमले को यूक्रेन सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवादी कार्रवाई करार दिया. उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्राध्यक्ष के आवास को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और युद्ध के नियमों का घोर उल्लंघन है. लावरोव ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि ऐसी हरकतों को रूस बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा और इसका उचित जवाब दिया जाएगा.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि हमले के समय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वहां मौजूद थे या नहीं. इस पर फिलहाल रूस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुतिन उस समय वहां होते, तो यह घटना युद्ध को और खतरनाक मोड़ पर ले जा सकती थी.
इस हमले के दावे ने शांति वार्ता की कोशिशों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को खत्म कराने की पहल कर रहा है, वहीं इस तरह की घटनाएं तनाव को और बढ़ा सकती हैं. विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में रूस की प्रतिक्रिया इस युद्ध की दिशा तय कर सकती है.
First Updated : Monday, 29 December 2025