नई दिल्ली : नेपाल की राजधानी काठमांडू का त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट आज तकनीकी खराबी के कारण मुश्किलों का सामना कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे एयरपोर्ट के रनवे की एयरफील्ड लाइटिंग में समस्या आ गई, जिसके चलते कम से कम पांच उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है. यह तकनीकी खामी न केवल वर्तमान उड़ानों को प्रभावित कर रही है, बल्कि आगामी उड़ानों के कार्यक्रम पर भी संशय बना हुआ है.
घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर असर
आपको बता दें कि त्रिभुवन एयरपोर्ट नेपाल का प्रमुख हवाई केंद्र है, जो घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों को संभालता है. इस एयरपोर्ट पर होने वाली तकनीकी खामी से हजारों यात्रियों को अप्रत्याशित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रनवे की लाइटिंग की समस्या के कारण पायलटों के लिए सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ़ मुश्किल हो गया है, इसलिए फिलहाल उड़ानों को रोकना ही उचित उपाय माना गया.
तकनीकी टीम कर रही है समस्या का समाधान
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम समस्या का समाधान करने में लगी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही लाइटिंग सिस्टम सामान्य हो जाएगा, रोक लगी उड़ानों को प्राथमिकता के आधार पर उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी. यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने फ्लाइट शेड्यूल और एयरलाइन की आधिकारिक सूचनाओं को लगातार जांचते रहें.
दिल्ली की टेक्निकल खराबी से तुलना
यह समस्या दिल्ली में हाल ही में हुई टेक्निकल खराबी की याद दिलाती है, जब इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण बड़ी संख्या में उड़ानों को रोकना पड़ा था. विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई अड्डों की तकनीकी समस्याओं के कारण वैश्विक हवाई यातायात प्रभावित होता है और यात्रियों को समय पर सेवाएं मिलना मुश्किल हो जाता है.
यात्रियों और एयरलाइन की तैयारियां
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी उड़ानों को कितने समय तक रुकना पड़ेगा. एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइंस ने यात्रियों से धैर्य रखने और अपडेटेड जानकारी के लिए आधिकारिक चैनलों पर नजर बनाए रखने का अनुरोध किया है. इसके साथ ही, एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक फ्लाइट्स और रिफंड नीतियों पर काम शुरू कर दिया है. त्रिभुवन एयरपोर्ट की यह तकनीकी दिक्कत यात्रा योजनाओं पर असर डाल रही है, और अधिकारी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि समस्या जल्द से जल्द हल हो और उड़ानों का संचालन सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से शुरू हो सके.
First Updated : Saturday, 08 November 2025