नई दिल्ली : पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत और उनकी सुरक्षा को लेकर देश में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. उनके समर्थकों ने आज रावलपिंडी की आदियाला जेल के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. यह प्रदर्शन उन अफवाहों के बीच हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि जेल में उनकी हत्या की कोशिश हुई, हालांकि सरकार और जेल प्रशासन ने ऐसी किसी घटना को खारिज किया है. इमरान खान की तीनों बहनों को लंबे दावों और देर तक इंतज़ार के बाद जेल में उनसे मिलने की अनुमति दी गई.
धारा 144 लागू, विरोध-प्रदर्शन पर पाबंदी
आपको बता दें कि इमरान खान के समर्थकों, नेताओं और विपक्षी दलों द्वारा रावलपिंडी और इस्लामाबाद में प्रदर्शन की तैयारी के चलते प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. जेल और कोर्ट के बाहर जोड़-तोड़ को देखते हुए इलाकों को सील कर दिया गया है और रावलपिंडी में तीन दिन के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है यानि पाँच से अधिक लोगों के समूह, जुलूस या रैली आदि पर रोक लगाई गयी है.
बहनों को मिली अनुमति, पर विवाद कायम
इमरान खान की तीनों बहनों को लंबे दावों और देर तक इंतज़ार के बाद जेल में उनसे मिलने की अनुमति दी गई. यह मुलाकात इस कड़ी में हुई है, जब स्वास्थ्य व सुरक्षा की लेकर बढ़ती चिंता और अफवाहों के बीच पत्रकारों और समर्थकों की निगाहें थीं. इस मुलाकात के बाद भी सवाल बरकरार हैं: समर्थकों और लोगों का कहना है कि सिर्फ मुलाकात से संतुष्टि नहीं मिलेगी, उन्हें साफ बयान चाहिए कि खान सुरक्षित हैं.
पाकिस्तान के राजनीति में असंतोष का माहौल
उनकी हिरासत, मुलाकातों पर रोक, सोशल मीडिया पर मौत या हिंसा की अफवाहें, और विरोध प्रदर्शन सब मिलकर पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और असंतोष का माहौल बना रहे हैं. उनकी पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने अदालत व नागरिक नेताओं के साथ मिलकर रिहाई व पारदर्शिता की मांग की है. विरोध जारी रहने की स्थिति में आलोचना तेज हो सकती है और राजनीतिक संकट गहराने की संभावना है.
First Updated : Tuesday, 02 December 2025