नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ फोन पर बातचीत की और दोनों नेताओं ने भारत-वेनेजुएला द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और भविष्य में नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई. यह बातचीत उस समय हुई है जब निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को बंधक बनाए जाने के बाद वेनेजुएला और अमेरिका के संबंधों में तनाव चल रहा है.
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन
आपको बता दें कि अमेरिका ने 3 जनवरी, 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में एक सैन्य अभियान चलाकर मादुरो को उनकी पत्नी के साथ बंधक बना लिया था. अमेरिकी सेना दोनों को लेकर न्यूयॉर्क आई थी, जहां वे कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. इस घटना के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है.
भारत की रणनीतिक स्थिति
यह बातचीत वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और भू-राजनीतिक बदलावों के संदर्भ में भारत की रणनीतिक स्थिति को दर्शाती है. अमेरिका वेनेजुएला में तेल क्षेत्र को निजीकरण और विदेशी निवेश के लिए खोलने पर जोर दे रहा है, जबकि भारत पर रूसी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. भारत के लिए वेनेजुएला एक महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत है, और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना भारत के हित में है.
कच्चे तेल के विशाल भंडार पर नजर बनाए हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में कच्चे तेल के विशाल भंडार पर नजर बनाए हुए हैं और उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं जो अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं कर रहे. इसमें भारत भी शामिल है. वर्तमान में, राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ के अलावा रूस से तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा रखा है.
वेनेजुएला का तेल...
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका वर्तमान में स्टोरेज में रखे 30 मिलियन से 50 मिलियन बैरल वेनेजुएला के कच्चे तेल को बेचने की योजना बना रहा है, और भविष्य में होने वाले उत्पादन से अतिरिक्त तेल भी ऑफर करेगा. राइट ने बताया कि वेनेजुएला के तेल को फिर से निर्यात की अनुमति दी जाएगी, लेकिन केवल कड़े शर्तों के माध्यम से.
First Updated : Friday, 30 January 2026