अमेरिका-इजराइल हमले में खामेनेई की मौत, भारत ने आखिर तोड़ी चुप्पी, तेहरान में दर्ज हुआ शोक संदेश

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद भारत ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तेहरान में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर संवेदना व्यक्त की।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद भारत ने आखिरकार अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तेहरान में ईरानी दूतावास जाकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर भारत सरकार की ओर से संवेदना दर्ज कराई। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत अब तक इस पूरे मामले पर चुप था। कई देशों की प्रतिक्रियाओं के बीच भारत ने संतुलित रुख अपनाया। इस कदम को कूटनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।

क्या भारत की चुप्पी अब....

मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने सावधानी भरा रुख अपनाया था। भारत ने शुरुआत से ही इस पूरे मुद्दे पर ज्यादा बयान देने से परहेज किया। यहां तक कि खामेनेई की मौत के बाद भी भारत की तरफ से तुरंत कोई बयान नहीं आया था। भारत ने खुद को उस बहस से भी दूर रखा जिसमें अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा जा रहा था। भारत का ध्यान लगातार तनाव कम करने पर रहा। यही वजह है कि उसने पहले चुप्पी रखी और फिर कूटनीतिक तरीके से प्रतिक्रिया दी।

क्या अमेरिका इजराइल हमले में...

ईरान में शनिवार को बड़ा सैन्य हमला हुआ था। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में सैन्य ठिकाने, सरकारी इमारतें और कई अहम दफ्तर निशाने पर थे। बताया गया कि कई बड़े राजनीतिक और सैन्य नेताओं के घर भी निशाने पर आए। इन्हीं हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। इस खबर ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी।

क्या ट्रंप ने पहले दी थी खामनेई की मौत की खबर

खामेनेई की मौत की खबर सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखी। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक थे। उन्होंने इसे ईरान के लोगों के लिए बड़ा मौका बताया। ट्रंप ने लिखा कि अब ईरान के लोग अपने देश का भविष्य खुद तय कर सकते हैं। उनके बयान के बाद दुनिया भर में इस घटना पर बहस तेज हो गई।

क्या दुनिया भर में...

खामेनेई की मौत पर दुनिया के अलग अलग देशों ने अलग प्रतिक्रिया दी। इजराइल ने अपने सैन्य अभियान को सफल बताया। वहीं रूस और चीन ने इस हमले की आलोचना की। दोनों देशों ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। कई देशों ने चिंता जताई कि इससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। दुनिया की नजर अब इस पूरे इलाके पर टिकी हुई है।

क्या भारत की कूटनीति

भारत के लिए यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है। एक तरफ भारत के अमेरिका और इजराइल से मजबूत रिश्ते हैं। दूसरी तरफ ईरान भी भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में भारत को बहुत संतुलन बनाकर चलना पड़ता है। इसलिए भारत ने कोई तेज बयान देने से बचाव किया। अब शोक संदेश के जरिए भारत ने अपनी संवेदना भी जताई और संतुलन भी बनाए रखा।

क्या आगे और बढ़ेगा

मध्य पूर्व का यह संकट अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। खामेनेई की मौत के बाद हालात और जटिल हो सकते हैं। कई देश इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। दुनिया को डर है कि कहीं यह संघर्ष और बड़ा रूप न ले ले। फिलहाल कूटनीति के जरिए हालात संभालने की कोशिश हो रही है। आने वाले दिनों में इस संकट की दिशा क्या होगी यह देखना अहम होगा।

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