सीरिया और इजरायल के बीच ऐतिहासिक संबंधों की शुरुआत हो सकती है, क्योंकि सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने इजरायल को मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ाया है. यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्य पूर्व यात्रा के दौरान रियाद में सीरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सामने आया है.
अहमद अल-शरा, जो पहले अल-कायदा से जुड़े थे, ने 2016 में वैश्विक जिहाद से अलग होकर सीरिया की क्रांति का हिस्सा बनने का निर्णय लिया था. 2024 में बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद, अल-शरा ने सीरिया की सत्ता संभाली. उनकी सरकार ने सऊदी अरब, तुर्की और कतर के समर्थन से सीरिया को पुनर्निर्माण और स्थिरता की दिशा में अग्रसर करने का प्रयास किया है.
ट्रंप और अल-शरा की मुलाकात में, ट्रंप ने सीरिया से सभी विदेशी आतंकवादियों को निकालने, फिलिस्तीनी आतंकवादियों को निर्वासित करने, ISIS को नियंत्रित करने और सीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ISIS हिरासत केंद्रों की जिम्मेदारी संभालने की बात की. इसके बदले, ट्रंप ने सीरिया से प्रतिबंध हटाने की घोषणा की. अल-शरा ने 1974 में इजरायल के साथ हुए समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और ईरानियों के सीरिया छोड़ने और आतंकवाद से निपटने में अमेरिका-सीरिया के संयुक्त प्रयासों में दिलचस्पी दिखाई है.
इस मुलाकात में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भी मौजूद थे, जिन्होंने सीरिया पर प्रतिबंध हटाने के लिए ट्रंप की प्रशंसा की. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस बैठक में शामिल हुए. यह बैठक क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि मध्य पूर्व की राजनीति में नए समीकरण उभर रहे हैं, और सीरिया, जो कभी इजरायल का जानी दुश्मन था, अब इजरायल को मान्यता देने की ओर अग्रसर हो सकता है. यह परिवर्तन क्षेत्रीय शांति और सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है. First Updated : Wednesday, 14 May 2025