ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक! अमेरिकी राष्ट्रपति के गोल्फ कोर्स के ऊपर उड़ रहा था विमान, F-16 ने खदेड़ा

न्यू जर्सी के बेडमिन्स्टर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी के दौरान एक नागरिक विमान नो-फ्लाई ज़ोन में घुस गया. NORAD ने तुरंत एफ-16 लड़ाकू विमान भेजकर स्थिति संभाली. यह घटना हालिया कई घुसपैठों में से एक है. NORAD ने पायलटों को चेतावनी दी कि उड़ान से पहले NOTAM और सुरक्षा दिशा-निर्देशों की जांच जरूरी है.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है. एक नागरिक विमान अनजाने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्यू जर्सी स्थित बेडमिन्स्टर गोल्फ क्लब के ऊपर बने नो-फ्लाई ज़ोन में प्रवेश कर गया. तत्काल हरकत में आते हुए अमेरिकी रक्षा एजेंसी NORAD (नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड) ने एक एफ-16 लड़ाकू विमान को तैनात किया, जिसने स्थिति को संभाल लिया.

राष्ट्रपति की मौजूदगी में क्यों लागू होता है नो-फ्लाई ज़ोन?

जब भी कोई अमेरिकी राष्ट्रपति किसी सार्वजनिक स्थान या अवकाश स्थल पर जाते हैं, उस क्षेत्र को कुछ समय के लिए उड़ानों के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है. ऐसा सुरक्षा कारणों से किया जाता है, ताकि किसी भी तरह के संभावित खतरे को रोका जा सके. बेडमिन्स्टर गोल्फ क्लब में ट्रंप की मौजूदगी के कारण यह नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया था.

एफ-16 ने कैसे दी चेतावनी?

अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही नागरिक विमान ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया, NORAD ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए एक एफ-16 जेट को रवाना किया. यह जेट नागरिक विमान के बेहद करीब से तेज़ गति में निकला, जिसे "हेडबट मूव" कहा जाता है. इसका उद्देश्य पायलट का ध्यान आकर्षित करना और स्थिति को तुरंत नियंत्रित करना होता है. इस कार्रवाई के बाद नागरिक विमान को सुरक्षित रूप से नो-फ्लाई ज़ोन से बाहर निकाल दिया गया.

उड़ान से पहले चेक करें NOTAM

NORAD ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए बताया कि यह हाल के सप्ताहों में इस तरह की कई घटनाओं में से एक है. उन्होंने सभी पायलटों से अपील की है कि वे उड़ान भरने से पहले NOTAM (Notice to Air Missions) और अन्य सुरक्षा दिशानिर्देशों की पूरी जानकारी लें. उड़ान क्षेत्र की जानकारी न होने से इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती हैं.

पहले भी सामने आ चुका है मामला

इससे पहले मार्च 2025 में भी एक नागरिक विमान ने फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के निवास के ऊपर बने नो-फ्लाई ज़ोन का उल्लंघन कर दिया था. उस समय भी NORAD ने तुरंत सैन्य विमान भेजकर स्थिति को नियंत्रण में लिया था. दोनों ही घटनाओं में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह एक चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.

कानूनी कार्रवाई का बन सकता है मामला

NORAD ने दोहराया कि राष्ट्रपति की सुरक्षा के दौरान बनाए गए नो-फ्लाई ज़ोन का उल्लंघन सिर्फ एक तकनीकी चूक नहीं है, बल्कि यह कानूनी परिणामों का कारण भी बन सकता है. पायलटों को सतर्क रहते हुए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए. First Updated : Sunday, 06 July 2025